चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने बुधवार को जिला हॉस्पिटल और महिला एवं बाल हॉस्पिटल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, साफ-सफाई और गर्मी के मौसम में जरूरी इंतजामों को देखा। कलेक्टर ने हॉस्पिटल प्रशासन को साफ निर्देश दिए कि मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दिनों तेज गर्मी पड़ रही है, इसलिए अस्पताल में पेयजल, कूलर, पंखे और बैठने जैसी सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित रहनी चाहिए। साथ ही अस्पताल परिसर में नियमित सफाई भी जरूरी है ताकि मरीजों को बेहतर माहौल मिल सके। वार्ड, ओटी और लेबर रूम की व्यवस्थाएं देखीं निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने हॉस्पिटल के अलग-अलग वार्ड, ऑपरेशन थिएटर यानी ओटी और लेबर रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की सफाई व्यवस्था, मशीनों और जरूरी इक्विपमेंट्स की स्थिति देखी। कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्टाफ को निर्देश दिए कि इलाज के दौरान संक्रमण फैलने जैसी कोई स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में साफ-सफाई के नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए और मरीजों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने ओटी में नियमित फ्यूमिगेशन और हर पखवाड़े माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर जांच कराने के निर्देश भी दिए, ताकि संक्रमण से बचाव की व्यवस्था मजबूत बनी रहे। गर्भवती महिलाओं की देखभाल पर दिया जोर जिला कलेक्टर ने महिला एवं बाल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ से कहा कि गर्भवती महिलाओं की पूरी मेडिकल हिस्ट्री सही तरीके से ली जाए और इलाज तय प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाए। उन्होंने खास तौर पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और गंभीर डिलीवरी मामलों की निगरानी विशेषज्ञ स्त्री रोग डॉक्टरों से कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है, इसलिए इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर जांच और सही इलाज मिलने से कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। मरीजों और परिजनों से भी की बातचीत निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने उनसे पूछा कि अस्पताल में इलाज और अन्य सुविधाएं कैसी मिल रही हैं। कई मरीजों और परिजनों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी बताए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और इलाज में किसी तरह की देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले हर व्यक्ति को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है। साथ ही उन्होंने हॉस्पिटल स्टाफ को मरीजों के साथ अच्छे व्यवहार और संवेदनशीलता के साथ काम करने के लिए भी कहा। गर्मी को देखते हुए दिए विशेष निर्देश भीषण गर्मी को देखते हुए जिला कलेक्टर ने हॉस्पिटल प्रशासन को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए ठंडे पेयजल, बैठने की व्यवस्था और कूलर-पंखों की पूरी व्यवस्था रहनी चाहिए। कई बार मरीजों के साथ आने वाले लोग लंबे समय तक हॉस्पिटल में रुकते हैं, इसलिए उन्हें भी बुनियादी सुविधाएं मिलनी जरूरी हैं। उन्होंने हॉस्पिटल परिसर में साफ-सफाई लगातार बनाए रखने और सभी जरूरी संसाधनों को चालू हालत में रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और अस्पतालों में लोगों को इंसानियत और संवेदनशीलता के साथ इलाज दिया जाए। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम, अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।