चित्तौड़गढ़ में बुधवार को NEET-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और युवा स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने और निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग लिखी हुई थी। उन्होंने कहा कि धांधली से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। कार्यकर्ता ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘पेपर लीक बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। मेहनती छात्रों के सपने टूटे, सरकार जिम्मेदार प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि लाखों स्टूडेंट्स मेहनत करके NEET परीक्षा की तैयारी की थी। कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया, जमीन गिरवी रखी और गहने तक बेच दिए, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनती छात्रों के सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार तीसरी बार NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिसोदिया ने कहा कि यह केवल एक गलती नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग किया जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। युवाओं और छात्राओं ने भी जताई नाराजगी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं भी शामिल हुए। सेगवा निवासी कृष्णा जाट ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। छात्र महीनों और सालों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहिए, जिससे मेहनत करने वाले स्टूडेंट्स को उनका हक मिल सके। प्रदर्शन में शामिल अन्य युवाओं ने भी कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली की खबरें आने से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।