सलूम्बर के सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही कमी अब काफी हद तक दूर हो गई है। जिले को आवंटित 286 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का ऑनलाइन स्कूल आवंटन कर दिया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटित किए शनिवार तक सभी चयनित अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटित कर दिए गए। ये सभी नियुक्तियां जिले के टीएसपी (जनजाति उपयोजना) क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में की गई हैं। इस निर्णय से वर्षों से कर्मचारियों के अभाव में जूझ रहे स्कूलों को बड़ी राहत मिलेगी। जिला शिक्षा विभाग ने दस्तावेज सत्यापन और ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली थी। इसके बाद पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन स्कूल आवंटन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने बताया- जिले को आवंटित सभी 286 कर्मचारियों को टीएसपी क्षेत्र के स्कूलों में पदस्थापित किया गया है और उन्हें शीघ्र ही कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा। 324 पद स्वीकृत, 27 कर्मचारी ही कार्यरत थे सलूम्बर जिले के सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कुल 324 पद स्वीकृत हैं। इनमें से अब तक केवल 27 कर्मचारी ही कार्यरत थे, जबकि 297 पद वर्षों से रिक्त पड़े थे। कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यालय संचालन, रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, डाक एवं दस्तावेजों का आदान-प्रदान जैसे आवश्यक कार्य शिक्षकों और स्थानीय स्तर पर रखे गए हेल्परों के भरोसे चल रहे थे। कई स्कूलों में तो वर्षों से एक भी स्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त नहीं था। इन नई नियुक्तियों के बाद भी जिले में 38 पद रिक्त रह जाएंगे। हालांकि, 286 कर्मचारियों की तैनाती से वर्षों पुरानी समस्या का एक बड़ा समाधान हो गया है। स्कूलों में साफ-सफाई, कार्यालयी कार्य और दैनिक व्यवस्थाएं अब व्यवस्थित हो सकेंगी। ये लाभ प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के कारण मिला है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन नियुक्तियों से सरकारी विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, कार्य संस्कृति में सुधार आएगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।