चित्तौड़गढ़ में आज गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा देकर रक्षा करने और गौ हत्या रोकने जैसी विभिन्न मांगों को लेकर रैली निकाली गई। सुभाष चौक से शुरू होकर कलेक्ट्रेट चौराहे तक पहुंची इस रैली में बड़ी संख्या में संत, महात्मा और गौ-भक्त शामिल हुए। सभी ने हाथों में बैनर पकड़े हुए थे और पूरे रास्ते गौ माता के समर्थन में नारे लगा रहे थे। रैली के दौरान लोगों ने प्रशासन के सामने शांतिपूर्वक अपनी बात रखी। 27 जुलाई को बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन–अनशन की चेतावनी संतों ने रैली के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि 27 जुलाई को हम सभी लोग फिर से एकत्रित होंगे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि अगर तब भी उनकी बात नहीं सुनी तो वे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगे। संतों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा लेकिन अपनी मांगों को मनवाने के लिए वे हर संभव कोशिश करेंगे। रैली के अंत में संतों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तब भी अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे अनशन भी कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचकर रखी मांगें रैली जब कलेक्ट्रेट चौराहे पर पहुंची तो वहां सभी संतों और श्रद्धालुओं ने मिलकर अपनी मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। संतों ने यह भी कहा कि गौ हत्या पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और इसके लिए मजबूत कानून बनाए जाने चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए। प्रमुख संतों ने की रैली की अगुवाई रैली में कई प्रमुख संतों की उपस्थिति रही। जिनमें रामस्नेही संप्रदाय के दिग्विजय राम महाराज, मुंगाना धाम के अनुज दास महाराज, रामपाल महाराज, खेड़ी आश्रम के शिवराम दास महाराज और विनोद यति महाराज शामिल थे। संतों के नेतृत्व में श्रद्धालु कीर्तन–भजन करते हुए आगे बढ़े। रैली में शमिल लोगों ने गौ माता के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।