चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार को नव नियुक्त जिला कलेक्टर डॉ. मंजू चौधरी ने शाम करीब 5:15 बजे अपना पदभार ग्रहण किया। वह श्रीगंगानगर से चित्तौड़गढ़ पहुंचीं और यहां आकर उन्होंने अपना ऑफिशियल ज्वाइनिंग लेटर साइन किया। उनके पदभार संभालने के दौरान कलेक्ट्रेट में मौजूद सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। दूसरी बार मिली बड़ी जिम्मेदारी पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. मंजू चौधरी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ में उनकी यह दूसरी पोस्टिंग है, जबकि उनकी पहली पोस्टिंग श्रीगंगानगर जिले में रही थी। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण जिला है, जहां काम करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को एक चुनौती और अवसर दोनों बताया। उनके अनुसार, वह अपने पिछले अनुभव का उपयोग करते हुए यहां बेहतर प्रशासन देने का प्रयास करेंगी। बोलीं- यह इतिहास और संस्कृति से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी डॉ. मंजू चौधरी ने चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक पहचान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वीरों और संतों की धरती है, जहां महाराणा प्रताप और मीराबाई जैसी महान हस्तियों की विरासत जुड़ी हुई है। ऐसे जिले में काम करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि वह इस जिले की गरिमा को बनाए रखते हुए विकास कामों को आगे बढ़ाएंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यहां की परंपराओं और संस्कृति का सम्मान करते हुए प्रशासनिक फैसले लिए जाएंगे। जन समस्याओं के समाधान पर फोकस नई कलेक्टर ने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का जल्दी और सही समाधान करना रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जो भी योजनाएं चल रही हैं, उन्हें पूरी ईमानदारी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। इसके अलावा, जिले के स्थानीय मुद्दों जैसे उद्योग, रोजगार और अन्य जरूरी समस्याओं को भी प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आम लोगों को प्रशासन तक आसानी से पहुंच मिलनी चाहिए और उनकी शिकायतों का समय पर निस्तारण होना जरूरी है। इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से काम करेगा। जिला प्रशासन में महिला अधिकारियों की बढ़ी भागीदारी डॉ. मंजू चौधरी के पदभार संभालने के बाद चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट में महिला अधिकारियों की संख्या भी बढ़ गई है। अब जिले में तीन प्रमुख प्रशासनिक पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं। जिला कलेक्टर के अलावा अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम और एसडीएम बीनू देवल भी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। वहीं पुलिस प्रशासन में भी अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह कार्यरत हैं। इससे साफ है कि जिले में महिला नेतृत्व मजबूत हो रहा है और प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।