केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा जारी किए गए दसवीं के रिजल्ट में चित्तौड़गढ़ की कबीर कॉलोनी में रहने वाले जुड़वा भाइयों ने शानदार सफलता हासिल की है। पर्व मालू ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि उनके भाई पार्थ मालू ने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। दोनों भाइयों की इस उपलब्धि से परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है। उनके पिता राकेश मालू मार्बल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और मां सुनीता आगाल नगरी गांव में सरकारी टीचर हैं। इन दोनों भाइयों ने अपनी मेहनत और सही दिशा में की गई पढ़ाई से यह मुकाम हासिल किया है। पढ़ाई के साथ एक्टिविटी भी जरूरी 16 साल के पर्व मालू का मानना है कि सिर्फ किताबों में लगे रहना ही सफलता का रास्ता नहीं होता। उन्होंने बताया कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट खेलना भी बहुत पसंद है और वे स्टेट लेवल तक क्रिकेट खेल चुके हैं। पर्व कहते हैं कि जब हम पढ़ाई के साथ दूसरी एक्टिविटीज में भी हिस्सा लेते हैं, तो दिमाग फ्रेश रहता है और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है। उनका यह भी कहना है कि पूरे साल नियमित रूप से पढ़ाई करने से आखिरी समय में किसी तरह का दबाव नहीं बनता और एग्जाम अच्छे से निकल जाते हैं। बहन से मिली प्रेरणा, CA बनने का लक्ष्य पर्व ने बताया कि उनकी बड़ी बहन कृति माहेश्वरी इस समय CA फाइनल की तैयारी कर रही हैं। उन्हें देखकर ही उनके मन में भी CA बनने का लक्ष्य आया। अभी पर्व भीलवाड़ा में आगे की पढ़ाई कर रहे हैं और साथ ही CA की तैयारी शुरू कर चुके हैं। उनका झुकाव शुरू से ही अकाउंट्स की तरफ रहा है और वे इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर शुरू से ही अपने इंटरेस्ट को पहचान लिया जाए तो आगे का रास्ता आसान हो जाता है। पार्थ का सपना – IIT में जाना वहीं पार्थ मालू का लक्ष्य अलग है। उनका कहना है कि उन्हें IIT में जाना है और इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। पार्थ इस समय अहमदाबाद में रहकर कोचिंग ले रहे हैं। उन्हें साइंस सब्जेक्ट्स में खास रुचि है, खासकर केमिस्ट्री और फिजिक्स में। पार्थ का मानना है कि अगर किसी सब्जेक्ट में रुचि हो तो उसे पढ़ना आसान हो जाता है और अच्छे नंबर भी आते हैं। वे आगे चलकर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। माता-पिता का पूरा सपोर्ट, बिना दबाव करते रहे पढ़ाई दोनों भाइयों का कहना है कि उनकी सफलता में उनके माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कभी भी पढ़ाई को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया। हमेशा बच्चों को समझकर और उनकी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने की सलाह दी। पर्व और पार्थ का कहना है कि जब परिवार का माहौल अच्छा होता है और माता-पिता सपोर्ट करते हैं, तो पढ़ाई करना आसान हो जाता है। सोशल मीडिया का सीमित उपयोग जरूरी पर्व और पार्थ दोनों का मानना है कि आज के समय में सोशल मीडिया पूरी तरह छोड़ना संभव नहीं है, लेकिन इसका सही उपयोग करना जरूरी है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के लिए एक तय समय होना चाहिए। अगर पूरा दिन उसी में निकल जाए तो पढ़ाई पर असर पड़ता है। इसलिए समय का सही उपयोग करना बहुत जरूरी है। दोनों भाई अपने समय को अच्छी तरह मैनेज करते हैं और यही उनकी सफलता का एक कारण भी है। आपस में कंपटीशन रहा, लेकिन सपोर्ट भी खबू किया पर्व के पिता राकेश मालू बताते हैं कि दोनों भाई हमेशा से ही पढ़ाई में आगे रहे हैं। कभी पर्व आगे निकल जाता है तो कभी पार्थ, लेकिन दोनों के बीच अच्छा कंपटीशन रहा है। खास बात यह है कि कंपटीशन के साथ-साथ दोनों एक-दूसरे का पूरा सहयोग भी करते हैं। एक-दूसरे की मदद करना और साथ में आगे बढ़ना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।