किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चौसला गांव स्थित बंद पड़ी खदान में युवक का शव मिलने के मामले ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंच गए तथा खान मालिक से मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर सिटी रोड पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मृतक की पहचान चौसला निवासी अजय चौधरी (30) के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में शोक और आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में खान मालिक की जिम्मेदारी तय कर उचित मुआवजा दिया जाए। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से समझाइश कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अराई थाना एवं मदनगंज थाना पुलिस का जाब्ता अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र में तैनात किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है तथा युवक की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। गौरतलब है कि चौसला गांव की 200 फीट गहरी खदान के बाहर किसी पुरुष के कपड़े देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। इस पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को मौके पर बुलाया गया। करीब 5 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद युवक का शव बाहर निकाला जा सका। मृतक की पहचान चौसला निवासी अजय चौधरी के रूप में हुई। इससे पहले शव मिलने में देरी से आक्रोशित ग्रामीणों ने किशनगढ़-मालपुरा स्टेट हाइवे जाम कर दिया था। एसडीएम नीतू मीणा, तहसीलदार नेहा कंवर, विकास अधिकारी शिवदानसिंह और थानाधिकारी राजमल कुमावत की समझाइश पर ग्रामीण माने और शव को किशनगढ़ के जिला अस्पताल भिजवाया गया। ग्रामीणों ने शव यहां पहुंचने के बाद अस्पताल के बाहर सिटी रोड जाम कर प्रदर्शन किया।