अगुणा मोहल्ला स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का भाव-विभोर होकर श्रवण किया तथा नंदलाल के प्राकट्य की झांकी के दर्शन कर भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया। कथावाचक आचार्य हरिओम पाराशर ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है तथा अधर्म का प्रभाव बढ़ता है। भक्तों पर अत्याचार होता है। तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का नाश करते है तथा अधर्म का नाश कर फिर से धर्म की स्थापना करते है। भगवान का अवतार मानव मात्र के कल्याण के लिए होता है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की आकर्षक व मनोहारी झांकी सजाई गई। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा पांडाल शंख-घंटानाद, जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया तथा मंगल गीत गाए।