चूरू के राजलदेसर स्थित देवनगर ढाणी के अंजनी माता महावीर हनुमान मंदिर में रविवार को परशुराम जयंती मनाई गई। इस अवसर पर भगवान परशुराम की प्रतिमा को पुष्प मालाओं से सजाया गया। पं. किशन शर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान तुलसीराम पांडे ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान विष्णु के छठे अवतार थे, जिन्होंने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष कर धर्म की स्थापना की। आदर्श व्यक्तित्व के धनी थे भगवान परशुराम वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन तप, त्याग, शौर्य और संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए सदैव सजग और साहसी रहना चाहिए। वक्ताओं ने यह भी बताया कि परशुराम केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि महान तपस्वी और आदर्श व्यक्तित्व के धनी थे, जिनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। कार्यक्रम में खेमराज पारीक, हरी प्रसाद पारीक, भुवनेश्वर शर्मा, राधेश्याम पारीक, एडवोकेट कपिल पारीक, संतलाल पारीक, सौरभ पारीक, एडवोकेट विकास शर्मा, एडवोकेट ललित किशोर शर्मा, धनपत शर्मा, पवन पारीक, मनोज पारीक (पुजारी), कमल पारीक, सक्षम पारीक और लालचंद शर्मा सहित कई लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने समाज में सद्भाव, नैतिकता और धर्म की स्थापना के लिए प्रेरित होने का संदेश भी दिया।