दीपावली पर शहरवासी घरों की सफाई में लगे हैं और नगर निगम का सिस्टम राजस्व की सफाई में लगा है। निगम के गैराज शाखा ने मुरलीपुरा और विद्याधर नगर से निकलने वाले कचरे के ट्रांसपोर्ट का रूट ऐसा बदला है कि निजी कंपनी की गाड़ियां कम चलें और निगम के कॉम्पैक्टर ज्यादा दौड़ें। नगर निगम के झोटवाड़ा, मुरलीपुरा, मानसरोवर और विद्याधर नगर जोन का कचरा अलग-अलग डिपो से उठाकर सेवापुरा पहुंचाने का काम विवेक एंटरप्राइजेज के पास है। टेंडर के अनुसार कंपनी को प्रतिदिन 700 टन कचरा ट्रांसपोर्ट करने का लक्ष्य है। इसके लिए रोज करीब ₹1.94 लाख का भुगतान होता है। यानी 30 दिन में करीब ₹58.33 लाख रुपए भुगतान किया जा रहा है। इसमें मुरलीपुरा अौर विद्याधर नगर जोन का कचरा कंपनी को कालवाड़ रोड डिपो से उठाकर सेवापुरा डंपिंग यार्ड भेजना होता है। कालवाड़ रोड डिपो तक पहुंचाने का जिम्मा नगर निगम का ही है, लेकिन पिछले 7 दिन से निगम के कॉम्पैक्टर टोडी मोड़ डिपो तक कचरा पहुंचा रहे हैं, जो कि कालवाड़ रोड डिपो से 12 किमी आगे है। यहां से कंपनी के वाहन कचरा उठा कर सेवापुरा डंपिंग यार्ड पहुंचा रहे हैं, जो सिर्फ तीन किमी दूर है। मौखिक आदेश में बदली व्यवस्था 60 हूपर मुरलीपुरा और झोटवाड़ा में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करते हैं और सीकर रोड के 1 नंबर चौराहा स्थित डिपो पर पहुंचाते हैं। यहां से नगर निगम के तीन रिफ्यूज कॉम्पैक्टर पांच बार में 12 किमी दूर कालवाड़ रोड स्थित डिपो पर कचरा ट्रांसफर करते हैं। 7 टन कचरा एक कॉम्पैक्टर एक बार में लेकर जाता है। यानी पांच बार में 35 टन कचरा उठाता है। 7 दिन पहले बदली गई व्यवस्था से निगम पर भार 60 हूपर पहले की तरह ही कचरा संग्रहण कर 1 नंबर चौराहे (परशुराम चौराहे) पर पहुंचा रहे हैं। 7 दिन पहले एक मौखिक व्यवस्था लागू की गई कि यहां से कचरा उठाने वाले रिफ्यूज कॉम्पैक्टर अब कालवाड़ रोड की जगह सीकर रोड पर ही टोडी मोड़ डिपो पर कचरा पहुंचाएंगे। 12 किमी दूर है टोडी मोड़ डिपो कालवाड़ रोड डिपो से। निगम को नुकसान; एक कॉम्पैक्टर को 24 किलोमीटर अतिरिक्त चलना पड़ रहा है। इस दौरान दो घंटे तक अतिरिक्त लग रहे हैं। ऐसे में पांच चक्कर के हिसाब से 120 किमी का डीजल और पांच गुना समय दोनों नगर निगम भुगत रहा है। कंपनी को फायदा; कालवाड़ रोड से कचरा उठाकर सेवापुरा डालने में कंपनी के वाहनों को 30 किमी का चक्कर लगाना पड़ता था। टोडी मोड़ से सेवापुरा और वापस का सफर 6 किमी रह गया। यानी एक चक्कर में 24 किमी की दूरी घट गई। 120 किमी डीजल और समय की सीधी बचत। ठेका कंपनी को फायदा पहुंचाने के सवाल पर गैराज शाखा की चुप्पी नगर निगम की गैराज शाखा के एक्सईएन गोपाल मूढ़ से इस व्यवस्था और निजी कंपनी की घटाई गई ट्रांसपोर्ट दूरी को लेकर सवाल किया तो कुछ नहीं बोले। बाद में जांच कराने की बात कहकर फोन रख दिया। भास्कर सवाल? जब निगम के वाहन 12 किमी आगे टोडी मोड़ तक कचरा पहुंचा सकते हैं तो सिर्फ 3 किमी आगे सेवापुरा यार्ड तक पहुंचाने के लिए निगम लाखों रुपए निजी कंपनी को क्यों दे रहा?