राजधानी की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में देरी पर अब सरकार सख्ती करेगी। निर्माण कार्यों में लापरवाही और देरी बरतने वाले अफसरों व ठेकेदारों पर परफॉर्मेंस और लिक्विडिटी पेनल्टी लगाई जाएगी। साथ ही, शहर के ट्रैफिक सिस्टम को स्मार्ट और सुगम बनाने के लिए रियल टाइम इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। बता दें कि सिविल लाइंस आरओबी पिछले 5 साल में भी पूरा नहीं हो पाया। इस प्रोजेक्ट में देरी को लेकर विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में यूडीएच ने अधिकारियों को बेकसूर माना था। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रोजेक्ट्स में देरी पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को सीएमओ में जयपुर शहर के यातायात सुधार को लेकर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। सीएम ने जेडीए, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग को तालमेल से काम करने के निर्देश दिए। जयपुर में ट्रैफिक मैनेजमेंट को मॉडल सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। जेडीए को सीबीआई फाटक, सालिग्रामपुरा फाटक, सिविल लाइंस फाटक आरओबी, गोपालपुरा एलिवेटेड रोड और सांगानेर एलिवेटेड रोड के कार्यों में तेजी लाने और क्वालिटी के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। नई परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर जोर सीएम ने अरण्य भवन-जगतपुरा एलिवेटेड रोड और द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर की डीपीआर जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी अंडरपास और राम मंदिर-रेलवे यार्ड-रेलवे सर्किल के बीच प्रस्तावित आरओबी के लिए ट्रैफिक दबाव का आकलन कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाने को कहा गया। अनियमित मीडियन ओपनिंग बंद होंगी शहर में जगह-जगह बनी अनियमित मीडियन ओपनिंग को बंद किया जाएगा। महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड को सिग्नल फ्री बनाने तथा बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए डबल यू-टर्न विकसित किए जाएंगे। रामबाग चौराहे पर लागू फ्री-लेफ्ट टर्न व्यवस्था को शहर के अन्य व्यस्त मार्गों और प्रमुख चौराहों पर भी लागू किया जाएगा।