कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर डीडवाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को महिलाओं के साथ 'चुनावी छलावा' करार दिया। पूर्व विधायक चेतन डूडी के आवास पर हुई इस प्रेस वार्ता में सीकर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने केंद्र की भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों से बिल पारित होने के बावजूद इसे लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तें जोड़ना महिलाओं के अधिकारों को टालने की कोशिश है। गठाला ने सवाल उठाया कि जब अन्य राज्यों में पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन हो सकता है, तो महिला आरक्षण के लिए नई जनगणना की अनिवार्यता क्यों रखी गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सरकार की नीयत साफ होती, तो यह व्यवस्था 2024 के चुनावों से ही लागू की जा सकती थी। उन्होंने केंद्र पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि पंचायतों और निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की शुरुआत कांग्रेस की सोच का परिणाम है, जिससे आज महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ रही हैं। साथ ही, यह भी उल्लेख किया गया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाया है। इस मौके पर पूर्व विधायक चेतन डूडी, मकराना विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता से पहले महिला कार्यकर्ताओं ने जिला प्रभारी सुनीता गठाला का स्वागत किया।