जिले में इस बार सूखी खांसी ने लोगों को परेशान कर रखा है। मरीजों की खांसी 15-20 दिन बाद भी पीछा नहीं छोड़ रही। हालात ऐसे बने हुए हैं कि खांसी की शिकायत वाले मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में तीन-तीन बार जांच के लिए पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में मरीज एक बार जांच के बाद 3-5 दिन के ट्रीटमेंट से ठीक हो जाते थे। अस्पताल की ओपीडी में हर तीसरा मरीज खांसी-जुकाम का आ रहा है। धूल के कण बढ़ रहे और सांस से जुड़ी बीमारियां ज्यादा बढ़ रही कोविड के बाद लोगों की इम्युनिटी कमजोर होने से संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम बदलने से तापमान में अचानक परिवर्तन हो रहा है। लोगों के खानपान का असर भी है। आर्द्रता में उतार-चढ़ाव हो रहा है। हवा में धूल के कणों की मात्रा बढ़ रही है। सांस से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। खांसी भी बढ़ रही है। खांसी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के इलाज को बीच में ही छोड़ देना भी इसके लंबे चलने का कारण बना हुआ है। बुखार और सर्दी-जुकाम के बाद शुरू होने वाली लगातार खांसी को पोस्ट वायरल ब्रोंकाइटिस (यूआरआई) कहते हैं।