बाड़मेर जिले के बोथिया गांव में रविवार को क्रूड ऑयल की पाइपलाइन में लीकेज होने से 16 घंटे तक दो खेतों में तेल बहता रहा। क्रूड के रिसाव के कारण खेतों में तेल का तालाब बन गया। गड्ढा बनाकर 15 वैक्यूम (खाली) टैंकरों में तेल को भरा गया। जिन किसानों के खेत में तेल का तालाब बना, अब वे किसान चिंता में डूबे हैं। उनका कहना है- क्रूड के कारण करीब एक बीघा जमीन बंजर हो गई, जहां अब कोई फसल नहीं हो सकेगी। जमीन तैलीय (ऑयली) हो चुकी है और वहां एक दाना तक उगना मुश्किल है। जहां-जहां क्रूड ऑयल फैला, वहां खेती करना नामुमकिन है। केमिकल के कारण जमीन पैदावार लायक नहीं रहेगी। पिछले साल भी इसी क्षेत्र के खेतों में क्रूड ऑयल फैला था। तब कंपनी ने पीड़ितों को सिर्फ 3 से 5 हजार रुपए का मुआवजा दिया था। ऐसे में इस बार स्थायी समाधान होना चाहिए। देखिए- क्रूड ऑयल के रिसाव के बाद खेत के हालात अब 2 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला अब पढ़िए किसानों का दर्द किसान बोले- 3 हजार रुपए का मुआवजा मिला था पीड़ित किसान दौलतराम का कहना है- रविवार सुबह करीब 6 बजे लीकेज हुआ था। केयर्न वेदांता वालों ने हमें कोई सूचना नहीं दी। ड्राइवरों ने हमें सूचना दी। हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि हमारी जमीन में क्रूड ऑयल फैल गया है। हमारे आने से पहले कंपनी के लोग 7 टैंकर भरकर ले जा चुके थे। वे वैक्यूम टैंकर में क्रूड ऑयल भर रहे थे। फिर हमने उन्हें रुकवाया। इसके बाद दोपहर में हमने उन्हें टैंकर भरने की अनुमति दी। शाम होने तक वे 15 से ज्यादा टैंकर भर चुके थे। पूछने पर कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि हमारा पूरा प्रोजेक्ट बंद हो रहा है, इसलिए हम इसे रिकवर कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि उनके फैले तेल के कारण हमारे खेतों की जमीन बर्बाद हो रही है। उनका कहना है- क्रूड ऑयल फैलने से खेतों में एक पौधा तक नहीं उगता। केमिकल के कारण जमीन पैदावार लायक नहीं रहती। पहले भी जब खेतों में तेल फैला था, तब केयर्न वेदांता से कोई अधिकारी नहीं आया। एक-दो लोग आए थे। उन्होंने कहा था कि नाप लेकर मुआवजा देंगे। पहले जब लीकेज हुआ था, तब 5-6 बीघा में तेल फैला था। लेकिन मुआवजे के तौर पर सिर्फ 3 हजार रुपए का चेक दिया गया। हमसे कहा गया था कि उचित मुआवजा देंगे। जमीन की नाप लेकर ऊपर से क्रूड हटा दिया, लेकिन दो महीने बाद केवल 3 हजार रुपए का चेक दिया। दौलतराम ने बताया- हम चाहते हैं कि हमारी बंजर जमीन को पूरी तरह साफ किया जाए। 20-25 लोग हमारे बेरोजगार बैठे हैं। किसी को भी इस कंपनी ने रोजगार नहीं दिया। न कोई वाहन लगा हुआ है। जितने लोग लगे हैं, वे सभी बाहर के हैं। हमारी जमीन खराब हुई है। एक करोड़ रुपए भी दे दें तो कम है। यह जमीन हमेशा के लिए बंजर हो गई है, इसकी भरपाई नहीं हो सकती। ‘हर साल हमारे खेत खराब हो रहे’ किसान गौतम का कहना है- हम लोग यहां पहुंचे, उससे पहले ही जेसीबी मशीन लगी हुई थी। हमें भी रोकने की कोशिश की गई। जेसीबी से गड्ढा खोदा गया। कंपनी के अधिकारी आए तो हमने कहा कि आप काम कीजिए, लेकिन हर साल हमारे खेत खराब किए जा रहे हैं। मुआवजे के नाम पर दो-तीन हजार रुपए दिए जाते हैं। अब तक क्षेत्र में 100 से ज्यादा बीघा जमीन प्रभावित हो चुकी है। अगर क्रूड ऑयल से प्रभावित खेत की 10 फीट तक खुदाई कर दूसरी रेत डाली जाए तो फिर से बुवाई हो सकती है। हम किसान इतना खर्च कभी नहीं कर पाएंगे। कंपनी को पाइपलाइन बिछाए 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इस इलाके से 5-6 पाइपलाइनें गुजरती हैं। पुरानी होने की वजह से कई जगह कमजोर पॉइंट हैं, जहां हर साल लीकेज होता है। हर साल किसानों को सिर्फ आश्वासन देकर अपना काम निकाल लेते हैं। भाजपा नेता बोले- कारणों की जांच होनी चाहिए बाड़मेर के भाजपा नेता दीपक कड़वासरा ने कहा कि दुनियाभर में हालात बदल रहे हैं। क्रूड ऑयल एक महत्वपूर्ण संसाधन है। ऐसे में पाइपलाइन लीकेज की बार-बार होने वाली घटनाओं के कारणों की जांच होनी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। अफसर बोले- हमने तुरंत रोक दी थी सप्लाई केयर्न वेदांता के रेवेन्यू ऑफिसर चक्रेश कुमार का कहना है- लीकेज की सूचना मिलते ही उसे तुरंत रोक दिया गया था। प्रभावित क्षेत्र से क्रूड ऑयल और मिश्रित पानी हटाने का कार्य जारी है और पूरे क्षेत्र की सफाई की जाएगी। किसानों के साथ नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पाइपलाइन का नियमित रखरखाव किया जाता है। … ये खबर भी पढ़िए… किसान के खेत में निकलने लगा क्रूड ऑयल:इलाके से गुजर रही पाइपलाइन में सप्लाई बंद की; वेलपैड से 1KM दूर मिला लीकेज पॉइंट बाड़मेर जिले के बोथिया गांव के एक खेत में रविवार सुबह 6 बजे क्रूड ऑयल का रिसाव होने लगा। क्रूड ऑयल 2 खेतों में 500 मीटर के दायरे में फैल गया। पूरी खबर पढ़िए रेगिस्तान में क्रूड ऑयल के 20 कुएं बंद:खेत से 60 टैंकर तेल निकला, कंपनी का दावा- 24 की रात ब्लास्ट नहीं, भूकंप आया था बाड़मेर में खेत से निकल रहा क्रूड ऑयल शुक्रवार को पांचवें दिन बंद हो गया है। हालांकि अभी खेत से तेल के निकलने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पूरी खबर पढ़िए