देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देने वाली पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी 21 अप्रैल से उत्पादन शुरू करने के लिए तैयार है। पिछले तीन महीने से चल रही क्रूड ऑयल रिफाइनिंग की टेस्टिंग गुरुवार को पूरी हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी दिन इसका उद‌्घाटन करेंगे। एचपीसीएल सूत्रों के अनुसार टेस्टिंग के दौरान केयर्न-वेदांता (एमपीटी नागाणा) और गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से रोजाना 60-65 हजार बैरल कच्चा तेल सप्लाई किया गया। फिलहाल देश में खाड़ी देशों में युद्ध के कारण क्रूड की कमी बनी हुई है, जिससे रिफाइनरी को पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। उद‌्घाटन के बाद केयर्न-वेदांता के साथ अरब देशों से भी कच्चा तेल मंगाने के लिए अलग से समझौते किए जाएंगे। 700 किमी तक पाइपलाइन मुंद्रा पोर्ट से पचपदरा तक 700 किमी लंबी हीटेड पाइपलाइन बिछाई गई है, जबकि नागाणा से रिफाइनरी तक 80 किमी की अलग लाइन है। अभी एमपीटी से रोजाना 75 हजार बैरल कच्चा तेल उत्पादन होकर गुजरात के सलाया प्लांट भेजा जाता है, जिसे रिलायंस और एमआरपीएल को सप्लाई किया जा रहा है। रिफाइनरी शुरू होने के बाद यही क्रूड पचपदरा को मिलेगा। 5 मिलियन मीट्रि. टन उत्पादन रिफाइनरी के पूर्ण संचालन पर सालाना 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल और 4 मिलियन मीट्रिक टन डीजल का उत्पादन होगा। आगे चलकर 2 मिलियन टन क्रूड बाड़मेर से और 7 मिलियन टन आयातित क्रूड से आपूर्ति होगी। कुल 13 में से 11 यूनिट तैयार रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की कुल 13 यूनिट में से 11 तैयार हो चुकी हैं। इनमें 9 रिफाइनरी और 2 पेट्रोकेमिकल यूनिट चालू स्थिति में हैं, जबकि शेष पर काम जारी है। पॉलीप्रोपाइलीन से बेंजीन तक बनेंगे उत्पाद कॉम्प्लेक्स को सालाना 2.4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें 1 मिलियन टन पॉलीप्रोपाइलीन, 0.5-0.5 मिलियन टन एलएलडीपीई और एचडीपीई तथा 0.4 मिलियन टन बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडीन शामिल हैं। पूरी क्षमता पर 9 मिलियन टन उत्पादन विशेषज्ञों के अनुसार कॉम्प्लेक्स के पूर्ण संचालन पर करीब 9 मिलियन टन पेट्रो और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। इसके लिए 1.5 मिलियन टन क्रूड बाड़मेर से और 7.5 मिलियन टन अरब देशों से प्राप्त होगा।