झुंझुनूं जिले के चंवरा-किशोरपुरा मोरंडा सड़क पर शनिवार रात करीब 7:20 बजे गैस सिलेंडर फटने से एक पक्का मकान गिर गया। हादसे में मलबे और आग की चपेट में आने से 14 मवेशियों की मौत हो गई, जबकि परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम किया। पुलिस और दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। रसोई में आग के बाद हुआ धमाका जानकारी के अनुसार चंवरा निवासी शंकर लाल मेघवाल के घर में उनकी पत्नी मिश्री देवी खाना बना रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग तेजी से फैल गई, जिसके बाद मिश्री देवी शोर मचाते हुए बाहर निकल गईं। कुछ ही देर में सिलेंडर फट गया और पूरा मकान ढह गया। 14 मवेशियों की मौत, सामान जला धमाके और आग की चपेट में आने से घर में बंधे 14 मवेशियों की मौत हो गई। घर में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर और नकदी भी जल गई। परिवार के पास रहने के लिए जगह नहीं बची। पुलिस और दमकल ने संभाला मोर्चा सूचना मिलते ही बीट अधिकारी महावीर प्रसाद सैनी, संजय जैफ और चालक अभिषेक ढाका मौके पर पहुंचे। गुढ़ा गौड़जी थाने से अतिरिक्त पुलिस बल और दमकल बुलाई गई। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दो भरे सिलेंडर बाहर निकाले बीट अधिकारी महावीर प्रसाद सैनी ने जलते मकान के अंदर से दो भरे हुए गैस सिलेंडर बाहर निकाले। इससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। एक घंटे बाद पहुंची दमकल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फायर ब्रिगेड करीब एक घंटे बाद उदयपुरवाटी से मौके पर पहुंची। तब तक मकान पूरी तरह से ढह चुका था और सामान जल चुका था। आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर स्थानीय लोगों के अनुसार शंकर लाल मेघवाल की आर्थिक स्थिति कमजोर है। करीब एक महीने पहले ही उनका गले का ऑपरेशन हुआ था। मुआवजे की मांग पर चक्काजाम घटना के बाद ग्रामीणों ने गुढ़ा-चंवरा स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर गुढ़ा थानाधिकारी सुरेश कुमार रोलन और तहसीलदार कुलदीप भाटी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सरकारी सहायता का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खोला गया।