अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने के दावे को लेकर पेश याचिका पर सिविल कोर्ट में सुनवाई के दौरान हलचल तेज रही। इस मामले में पक्षकार बनने के लिए दाखिल 12 आवेदनों पर विस्तृत बहस हुई, जिसमें कोर्ट ने सभी पक्षों को ध्यानपूर्वक सुना। कोर्ट में अंजुमन कमेटी ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि धार्मिक स्थल पर पहले खादिमों को सुना जाए। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। मामले में अगली सुनवाई अब 6 मई को होगी। मामले में पक्षकार बनने के लिए 1/10 के तहत पेश किए गए प्रार्थना पत्रों पर बहस हुई। मामले में महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने वादी और 12 अन्य ने प्रतिवादी बनने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किए हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता, राजवर्धन सिंह परमार और दरगाह अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती सहित कई खादिम और अधिवक्ता मौजूद रहे। सुनवाई को देखते हुए पुलिस का अतिरिक्त जब्ता तैनात किया गया। याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता के वकील संदीप कुमार ने बताया कि कोर्ट में 1/10 के तहत 12 एप्लीकेशन लगी हुई है। इसमें एक वादी बनने के लिए राजवर्धन सिंह परमार की ओर से एप्लीकेशन लगाई गई है। कोर्ट में इसे लेकर सुनवाई हुई, जिसमें सभी का विरोध किया गया। देश का माहौल ठीक नहीं- सरवर चिश्ती अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती ने मामले में कहा कि 1/10 एप्लीकेशन के तहत हमारे वकील ने कोर्ट में बहस की है। कोर्ट से मामले में पक्षकार बनाने की अपील की है। यह एक धार्मिक जगह है, इसलिए सबसे पहले खादिम को सुना जाना चाहिए। हर जगह नजर आ रहा मंदिर चिश्ती ने कहा कि देश का माहौल ठीक नहीं है। हर जगह सभी को मंदिर नजर आ रहा है। काश अगर बाबरी मस्जिद थाली में देखकर नहीं आते तो यह दिन देखने को नहीं मिलता। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के लाखों अनुयायी हैं। हर धर्म के लोग यहां आते हैं, जिसका आधार से सम्मान किया जाता है। ---------- ये खबर भी पढ़िए… अजमेर दरगाह में मंदिर होने के 3 आधार पेश किए:हाईकोर्ट के जज की किताब का हवाला; वंशज बोले- ऐसी हरकतें देश के लिए खतरा अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है। अजमेर सिविल कोर्ट में लगाई गई याचिका को कोर्ट ने सुनने योग्य मानते हुए सुनवाई की अगली तारीख 20 दिसंबर तय की है। याचिका दायर करने वाले हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने मुख्य रूप से 3 आधार बताए हैं। (पूरी खबर पढ़ें…)