डूंगरपुर में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित ‘कॉफी विद कलेक्टर’ संवाद कार्यक्रम और प्रतिभावान बालिका सम्मान समारोह में जिले की मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर देशलदान ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें करियर, तकनीक और भविष्य की चुनौतियों को लेकर मार्गदर्शन दिया। छात्राओं ने भी खुलकर सवाल पूछे और कार्यक्रम को अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया। मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसमें राजकीय स्कूलों और संस्कृत शिक्षा विभाग की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। समारोह में जिला कलेक्टर देशलदान, जिला परिषद के सीईओ हनुमान सिंह राठौड़ और एसडीएम गुर्जर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ‘कॉफी विद कलेक्टर’ में खुलकर हुई बातचीत कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण ‘कॉफी विद कलेक्टर’ संवाद सत्र रहा। इस दौरान जिला कलेक्टर देशलदान ने छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनके भविष्य, करियर विकल्पों और पढ़ाई से जुड़े सवालों पर चर्चा की। छात्राओं ने इंटरनेट, नई तकनीकों और बदलते दौर में खुद को अपडेट रखने को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। कई छात्राओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रशासनिक सेवाओं और करियर चयन को लेकर भी सवाल पूछे। जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने छात्राओं के हर सवाल का विस्तार से जवाब दिया और उन्हें व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिकारियों ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी।
ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए बना प्रेरणा का मंच कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने इस पहल की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि डूंगरपुर जैसे जिले में इस तरह के उच्च स्तरीय कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन हैं। छात्राओं ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे बातचीत करने और उनके अनुभव सुनने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक यादगार अनुभव बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्राओं ने दिए सुझाव संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सुझाव दिया कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन लगातार होते रहने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को प्रशासनिक अनुभव और उचित मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा भी देते हैं।
कलेक्टर बोले- बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं जिला कलेक्टर देशलदान ने छात्राओं की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मेधावी छात्राओं का सम्मान करना नहीं, बल्कि उन्हें आगे की पढ़ाई, करियर और जीवन के लक्ष्यों के लिए सही दिशा और प्रेरणा देना भी है।