दौसा की स्थाई लोक अदालत ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए इंश्योरेंस कंपनी को 10 लाख रुपए बीमा राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। पूर्णकालिक अध्यक्ष राजेश चंद्र गुप्ता एवं सदस्य सुरेश कुमार गोयल ने सुशीला देवी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आदेश दिए। यह था मामला जुलाई 2025 में सुशीला देवी के पति भगवान सहाय गुर्जर ने सहकार जीवन दुर्घटना सुरक्षा योजना के तहत 343.97 रुपए प्रीमियम जमा करवाकर 10 लाख रुपए का एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर लिया था। मामले के अनुसार 5 जुलाई 2023 को भगवान सहाय गुर्जर खेत पर मोटर चालू करने गए थे। बरसात के मौसम में स्टार्टर में करंट आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मृतक की पत्नी ने बीमा कंपनी के समक्ष बीमा दावा पेश किया, लेकिन कंपनी ने लापरवाही और बिना सुरक्षा उपायों के स्टार्टर चालू करने का हवाला देते हुए दावा खारिज कर दिया। बीमा कंपनी साक्ष्य पेश नहीं कर सकी सुनवाई के दौरान स्थाई लोक अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों के तर्कों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि बीमा कंपनी ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो सके कि मृतक ने जानबूझकर करंट खाया हो या जानबूझकर लापरवाही बरती हो। जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण बिजली का करंट लगना बताया गया है। कोर्ट ने बीमा कंपनी को आदेश दिए कि प्रार्थिया को 10 लाख रुपए की बीमा राशि परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि 20 जनवरी 2025 से भुगतान तक 6 प्रतिशत ब्याज सहित अदा की जाए।