दौसा जिले में कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे गुण नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 खाद-बीज विक्रेताओं के उर्वरक लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। यह कार्रवाई निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर की गई। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एवं उर्वरक अनुज्ञापन अधिकारी रामराज मीना ने बताया कि जिलेभर में खाद-बीज विक्रेताओं के विक्रय केंद्रों और गोदामों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान कई विक्रेताओं के पास पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा विक्रय परिसरों के बाहर स्टॉक व मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करना और उर्वरक अनुज्ञा पत्रों में आवश्यक विवरण दर्ज नहीं होना जैसी कमियां सामने आईं। इनके लाइसेंस निलंबित अनियमितताओं के चलते खंडेलवाल ट्रेडर्स (सिकंदरा चौराहा), कसाना खाद-बीज भंडार (सिकंदरा), महावीर खाद-बीज भंडार (सिकंदरा), आरएस खाद बीज भंडार (सिकंदरा), राठौर खाद बीज भंडार (ठीकरिया), श्री जी एग्रोटेक (लवाण) और कल्याण सहाय राकेश कुमार (कुंडल) के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद की कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और किसानों से अपील की गई है कि वे आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक खरीदें तथा अनावश्यक भंडारण से बचें। जिला स्तर पर टीमों का गठन कर सभी ब्लॉकों में लगातार निरीक्षण अभियान जारी है, जिसमें गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।