दौसा में बुधवार को डिस्ट्रीक्ट जज केशव कौशिक एक घायल को चेक कोर्ट रूम से नीचे उतरे। दरअसल, बुधवार को एक बीमा कंपनी को लेकर प्रकरण पेंडिंग था। इसकी सुनवाई के बाद पीपलखेड़ा निवासी घायल भगवान सहाय को सहायता राशि देने के आदेश दिए गए। लेकिन, रीढ की हड्डी में फ्रैक्चर के कारण वह चल फिर नहीं पा रहा था। इसके बाद जज केशव कौशिक नीचे आए और गाड़ी में बैठे भगवान सहाय को 16.75 लाख का चेक सौंपा। यह था मामला भगवान सहाय बनाम अमर सिंह वगैराह में राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर 19 दिसंबर 2025 को अवार्ड पारित किया गया था। इसमें बीमा कंपनी को भगवान सहाय को एमएसीटी अवार्ड के अलावा 16 लाख 75 रुपए देने के आदेश दिए गए थे। जिला जज ने भगवान सहाय निवासी ग्राम पीपलखेडा के बैंक अकाउंट में रुपए जमा कराने के आदेश दिए थे। घायल प्रार्थी चलने-फिरने में असमर्थ होने से कोर्ट के प्रथम तल तक पहुंचने में असमर्थ था। ऐसे में जिला एवं सेशन न्यायाधीश कोर्ट रूम नीचे उतरकर आए। यहां गाड़ी में बैठे घायल व्यक्ति को अपने हाथों से अवार्ड राशि का चेक सौंपा। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल एवं प्रार्थी के अधिवक्ता हुक्म सिंह अवाना एवं कोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहा। जयपुर-आगरा हाईवे पर बाइक ने मारी थी टक्कर भगवान सहाय जयपुर-आगरा हाईवे पर महुआ थाना क्षेत्र में गोपाल होटल से भजेड़ा रोड पर पैदल जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार ने पीछे से टक्कर मार दी थी। घटना अप्रैल 2017 की है। इस हादसे में उनके कमर से नीचे सभी अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया था और वह उसी दिन से बेड पर है। प्रार्थी के अधिवक्ता हुकम सिंह अवाना ने बताया कि भगवान सहाय ने बीमा कंपनी में एक्सीडेंट क्लेम किया था, लेकिन कंपनी द्वारा न्यूनतम सहायता राशि देने के खिलाफ साल 2019 में कोर्ट में परिवाद दायर किया गया। इसमें 2023 में कोर्ट द्वारा बीमा कंपनी को आदेश दिए पीड़ित को 16.75 लाख दिए जाए। इसके बाद मामला हाईकोर्ट चला गया, लेकिन पीड़ित और बीमा कंपनी ने लोक अदालत के जरिए 19 दिसंबर 2025 को विवाद का निस्तारण किया।