दौसा में कर्मचारी चयन बोर्ड की लिपिक ग्रेड-द्वितीय और कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा शनिवार को 36 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। जिला मुख्यालय के 12 सरकारी और 24 प्राइवेट सेंटरों पर दो शिफ्ट में हो रही परीक्षा में 13 हजार 200 कैंडिडेट्स शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर थ्री-लेयर जांच, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही कैंडिडेट्स को एंट्री दी गई। सुबह से सेंटरों के बाहर लगी कतार पहली शिफ्ट के कैंडिडेट्स को सुबह 7:30 बजे से सेंटरों में प्रवेश देना शुरू किया गया। इस दौरान कई परीक्षा केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। सबसे पहले एजेंसी के कर्मचारियों ने जांच की। इसके बाद कई महिला कैंडिडेट्स के दुपट्टे सेंटर के बाहर उतरवाए गए। लंबे बाल वाले कैंडिडेट्स के बाल बंधवाए गए। हाथ में बंधे धागे उतरवाए गए। कान के ईयररिंग्स और नोजपिन भी उतरवाई गई। कई कैंडिडेट्स की जींस पर लगे बटन भी कटवाए गए। इसके बाद पुलिस और फिर वीक्षक स्टॉफ ने थ्री-लेयर जांच और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद कैंडिडेट्स को परीक्षा कक्ष में भेजा। मेटल डिटेक्टर से हुई जांच परीक्षा में नकल और फर्जी कैंडिडेट्स पर रोक लगाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर निजी कंपनी के जरिए बायोमेट्रिक उपस्थिति ली गई। पुलिस ने मेटल डिटेक्टर से जांच कर संदिग्ध सामान हटवाया। दो शिफ्ट में हो रही परीक्षा पहली शिफ्ट का पेपर सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। दूसरी शिफ्ट का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले सुबह 8:30 बजे सभी परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए थे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम परीक्षा को निष्पक्ष और नकल मुक्त कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। लालसोट एडीएम मनमोहन मीणा और एएसपी शंकरलाल मीणा पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 6 विजिलेंस टीमें और 60 पर्यवेक्षक तैनात प्रशासन ने किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए 6 विजिलेंस टीमों का गठन किया है। हर टीम में एक आरएएस अधिकारी, एक आरपीएस अधिकारी और शिक्षा विभाग का एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल है। परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 60 पर्यवेक्षक भी लगाए गए हैं।