दौसा में पेंटर को मजदूरी नहीं मिली तो उसने अपने लिखे हुए पर काला पेंट कर दिया। पेंटर ने पंचायत कार्यालय और एक रूम के बाहर नाम लिखा था। पेमेंट के लिए प्रशासक और वीडीओ को कॉल किया, उन्होंने अटैंड नहीं किया तो पेंटर ने वीडियो बनाया और अपने लिखे हुए पर काला पेंट कर दिया। मामला लालसोट क्षेत्र की ग्राम पंचायत दौलतपुरा में मंगलवार का है। पेंटर ने काला पेंट करते हुए खुद वीडियो बनवाया और पंचायत प्रशासक व वीडीओ पर मजदूरी का भुगतान नहीं करने के आरोप लगाए। 3 हजार रुपए मजदूरी तय हुई थी पेंटर चंद्र मोहन मीणा ने बताया- दौलतपुरा पंचायत प्रशासक भगवान सिंह राजावत ने पंचायत कार्यालय पर ‘भारत निर्माण सेवा केंद्र, ग्रा.पं. दौलतपुरा, लालसोट, दौसा’ और दीवार पर प्रशासक का नाम व मोबाइल नंबर लिखने का काम दिया था। मजदूरी की बात 3 हजार रुपए में तय हुई थी। काम होते ही फोन उठाना बंद किया पेंटर ने बताया- पहले ही प्रशासक से काम पूरा होते ही मजदूरी देने की बात करी ली थी। इस पर प्रशासक ने हामी भी भरी थी। मंगलवार को मैं और मेरे साथी ने अपना काम पूरा किया और प्रशासक को फोन कर अपनी मजदूरी मांगी। इस पर प्रशासक ने 10 मिनट में देने की बात कही और फोन कट कर दिया। 10 मिनट के बाद वापस प्रशासक को फोन किया तो उन्होंने फोन उठाना ही बंद कर दिया। पेंटर ने बताया- लगातार प्रशासक और सचिव (वीडीओ) को फोन किए गए, लेकिन दोनों ने ही फोन नहीं उठाए। इसके चलते जो काम हमनें किया था, उस पर काला पेंट पोत दिया। पेंटर चंद्र मोहन का आरोप है कि एक बार पहले भी प्रशासक ने उनके साथी विमल से पेंट का काम करवाया था और करीब एक साल बाद भुगतान किया था। पंचायत प्रशासक (सरपंच) भगवान सिंह राजावत ने बताया- पेंटर को पैसे देने के लिए मना नहीं किया गया था। मैं किसी इमरजेंसी में फंसा हुआ था। मैंने पेंटर से कहा था कि ग्राम विकास अधिकारी से बात कर लेना वो पेमेंट कर देंगे। फिर उसका मेरे पास फोन आया कि ग्राम विकास अधिकारी मना कर रहे हैं, तो मैंने उससे कहा कि एक घंटा रुक जा, मैं किसी इमरजेंसी काम के लिए आया हुआ हूं, थोड़ी देर में भुगतान कर दूंगा। जैसे ही मैं फ्री हुआ तो उससे फोन पे नंबर मांगे तो उसने कहा कि अब भुगतान करने की कोई आवश्यकता नहीं है, मैंने कालिख पोत दी है। बुधवार को पेमेंट देने का आश्वासन दिया था- वीडीओ पूरे मामले पर ग्राम विकास अधिकारी राजवीर अटल ने बताया- सरपंच (प्रशासक) और पेंटर के बीच राजनीतिक द्वेष्ता है। इसके चलते उन्होंने ये कारनामा किया है, जबकि उनसे मजदूरी देने के लिए हमने आश्वासन दे दिया था कि अंबेडकर जयंती की छुट्टी है, ऑनलाइन स्लॉट पेमेंट तो हो नहीं पाएगा और कल बुधवार को आपको भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन, उन्होंने हमारी बात नहीं मानी और ग्राम पंचायत के नाम को काले पेंट से पोत दिया।