दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस-ट्रेलर अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद विशेष अभियान शुरू किया गया। यह अभियान विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर चलाया गया। इस अभियान में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की टीम की ओर से गुरुवार को जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे स्थित भांडारेज इंटरचेंज पर करीब 20 स्लीपर बसों की जांच की। दो दर्जन स्लीपर बसों की जांच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल और आरटीओ जगदीश अमरावत की मौजूदगी में परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस ने जयपुर और आगरा की तरफ आवाजाही करने वाली दो दर्जन स्लीपर बसों की जांच की। साथ में कई बसों सीज करने और चालान की कार्रवाई की गई। नियम के अनुसार नहीं मिली बस सही जांच में सामने आया कि इन स्लीपर बसों में यात्रियों की आवाजाही के लिए निर्धारित 300 मिमी जगह नहीं थी। स्लीपर बर्थ का आकार भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला। इमरजेंसी गेट छोटे मिले। बस में अग्निशमन यंत्र भी सही स्थिति में नहीं थे। बसों में इमरजेंसी विंडो और गेट का आकार मानकों के अनुसार नहीं था। बस संचालकों को नोटिस देकर लगाया जुर्माना आरटीओ जगदीश अमरावत ने बताया- जांच के बाद बसों के संचालकों को नोटिस देकर जुर्माना लगाया गया है। सीज की गई बसें यात्रियों को छोड़कर वापस आरटीओ ऑफिस आएंगी। जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रोड सेफ्टी और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान पूरे जुलाई माह जारी रहेगा।