दौसा जिला एवं सेशन जज केशव कौशिक ने स्कूल के बच्चों से कहा- साइबर फ्रॉड से खुद को बचाएं और ऐसा करने वाले सूचना दें। उन्होंने बच्चों को बताया कि भरतपुर में ऐसे एक मामले में उन्हें 9 साल के बच्चे को दंड देना पड़ा था। उन्होंने साइबर फ्रॉड को युवा पीढ़ी के लिए घातक बताते हुए बचाव के टिप्स बताए। जिला जज ने विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित जागरूकता अभियान के तहत इंपल्स स्कूल में स्टूडेंट्स को साइबर फ्रॉड व सोशल मीडिया के उपयोग के सम्बन्ध स्टूडेंट्स को जागरूक किया। जज ने समझाया कैसा होता है फ्रॉड जिला जज कैशिक ने बताया- नकली ईमेल या वेबसाइट के जरिए पासवर्ड, बैंक डिटेल चुराई जाती है। बैंक अधिकारी, पुलिस या सरकारी अफसर बनकर कॉल फ्रॉड करते हैं। किसी बहाने से OTP लेकर बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। फर्जी वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज पर सस्ते सामान दिखाकर पैसे ले लेते हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी के ऑफर देकर रजिस्ट्रेशन या ट्रेनिंग फीस के नाम पर पैसे लेते हैं। सोशल मीडिया पर दोस्त बनाकर बाद में पैसे मांगते हैं। लॉटरी स्कैम में रुपए जीत गए जैसे मैसेज भेजकर प्रोसेसिंग फीस मांगते हैं। बैंक KYC अपडेट के नाम पर लिंक भेजकर डिटेल चुरा लेते हैं। इनसे बचना चाहिए। बचाव के तरीके बताए जिला जज ने कहा कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। संदेह होने पर तुरंत बैंक या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।