डीग जिले में आगामी अधिक मास 2026 की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। 17 मई 2026, रविवार से अधिक मास शुरू होने वाला है, लेकिन इससे पहले ही प्रसिद्ध ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अधिक मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु डीग जिले में पड़ने वाले इस मार्ग पर लगभग 67 किलोमीटर (24 कोस) की पैदल परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा शुरू होने में अब सिर्फ 13 दिन शेष हैं, लेकिन मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं अब तक दुरुस्त नहीं की जा सकी हैं। परिक्रमा मार्ग पर कई गंभीर अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। इनमें जगह-जगह गड्ढे, मिट्टी का कटाव, अतिक्रमण, निर्माण सामग्री का ढेर, रास्ते में फैली कंटीली झाड़ियाँ, खराब हैंडपंप और पेयजल संकट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, झुके हुए बिजली के तार भी खतरे का कारण बने हुए हैं। कामवन क्षेत्र के बरौली धाऊ गांव में 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर पानी भरा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन खामियों के कारण श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। डीग के जिलाधिकारी (डीएम) मयंक मनीष ने 23 अप्रैल को स्वयं परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने मार्ग की मरम्मत और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश भी दिए थे। हालांकि, उनके निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। संत समाज ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। आदिबद्री धाम के संत राधे श्याम दास बद्री ने बताया कि आदिबद्री धाम स्थित तृप्ति कुंड की सफाई कर उसे बोरिंग के पानी से भरा जा रहा है। हालांकि, मुख्य परिक्रमा मार्ग की स्थिति अभी भी बेहद खराब बनी हुई है। यदि अधिक मास जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से पहले परिक्रमा मार्ग की मरम्मत और अन्य व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त नहीं की गईं, तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। प्रशासन को इस संबंध में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।