जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने शुक्रवार को जिला अस्पताल डीग का निरीक्षण किया, जिसे हाल ही में जिला अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत किया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से अस्पताल की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का सघन जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के समय अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां और अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मान सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने ओपीडी का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों के पंजीकरण की जानकारी ली, जिस पर उन्हें बताया गया कि सुबह से अब तक 321 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। मयंक मनीष ने अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञों, विशेषकर डेंटिस्ट और सर्जन की उपलब्धता के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके बाद जिला कलेक्टर ने अस्पताल के पुरुष एवं महिला वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों को मिल रही सुविधाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि आज कुल 472 टेस्ट किए गए हैं। कलेक्टर ने मशीनों की क्रियाशीलता और मरीजों को जांच रिपोर्ट दिए जाने की प्रक्रिया के संबंध में पूछताछ की। मरीजों की सुविधा और समय की बचत को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर ने दो शिफ्टों में जांच करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द रिपोर्ट मिल सके। उन्होंने अस्पताल परिसर में पड़े पुराने सामान और कबाड़ की नियमानुसार नीलामी करने के भी निर्देश दिए। मीडिया से बात करते हुए जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि डीग सीएचसी को हाल ही में जिला अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ी है। उन्होंने सी-सेक्शन डिलीवरी को जल्द से जल्द शुरू करने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए आवश्यक उपकरणों और मशीनों की मांग को राज्य स्तर पर त्वरित रूप से फॉलो-अप करने के निर्देश भी दिए गए।