डीग जिले के बृज नगर स्थित एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा के एक छात्र के साथ कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि बस की सीट का कवर फाड़ने और हैंगर तोड़ने की शिकायत पर स्कूल संचालक और बस ड्राइवर ने छात्र को डंडों और बेल्ट से पीटा। मारपीट के बाद छात्र बेहोश हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कई घंटों तक परिजनों को मिलने नहीं दिया पीड़ित छात्र के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मारपीट के बाद छात्र की हालत बिगड़ने पर उसे उपजिला अस्पताल ले जाया गया। यहां कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसे कथित तौर पर किसी दूसरे नाम से भर्ती कराया गया। परिजनों को कई घंटों तक छात्र से मिलने नहीं दिया गया। आरोप है कि प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को करीब 4 से 5 घंटे तक एक कमरे में रखा गया और उसकी मेडिकल पर्ची भी फाड़ दी गई। सिर, कान समेत कई जगह पर गंभीर चोटें परिजनों का कहना है कि छात्र के सिर, कान और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। उसे लगातार चक्कर आने और बार-बार बेहोश होने की शिकायत के बाद डॉक्टरों ने सिर में गंभीर चोट की आशंका जताई। छात्र की हालत नाजुक होने पर उसे बृज नगर उपजिला अस्पताल से भरतपुर रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। स्कूल संचालक ने आरोपों को बताया निराधार वही इस मामले में स्कूल संचालक विपिन ने बताया कि बच्चे को सीट कवर फाड़ने के मामले में सिर्फ डाटा गया था और कोई मारपीट नहीं की गई। बच्चे के परिजनों ने जो आरोप लगाए है, सभी निराधार है। पुलिस मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बताया कि स्कूल संचालक विपिन गर्ग और बस ड्राइवर वासुदेव शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के तहत स्कूल और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट (एमएलसी), अस्पताल के रिकॉर्ड तथा छात्रों और स्टाफ के बयान जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में परिजनों द्वारा लगाए गए फर्जी नाम से भर्ती कराने, साक्ष्य छिपाने और बंधक बनाकर रखने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले में गंभीर धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।