डीग पंचायत समिति सभागार में गुरुवार को सरपंच पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हुई। उपखंड अधिकारी अमित कुमार मीणा की मौजूदगी में 46 ग्राम पंचायतों के लिए लॉटरी निकाली गई। इसके साथ ही गांवों में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। लॉटरी के जरिए अलग-अलग ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए आरक्षित वर्ग तय किए गए। इस दौरान संबंधित अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे। सरपंच पदों का आरक्षण साफ होने के बाद ग्रामीण इलाकों में चुनावी हलचल बढ़ गई है। लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदार अब अपने-अपने क्षेत्र में नए सिरे से राजनीतिक और सामाजिक समीकरण बनाने में जुटेंगे। आरक्षण बदलने से कई दावेदारों को चुनाव मैदान से बाहर होना पड़ सकता है। वहीं, आरक्षित वर्ग के नए दावेदारों को चुनाव लड़ने का मौका मिल गया है। आरक्षण सूची सामने आते ही बदले चुनावी समीकरण लॉटरी के बाद सरपंच पदों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने से गांवों में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संभावित प्रत्याशी अब अपने-अपने गांवों में आरक्षण के अनुसार दावेदारी को लेकर रणनीति बनाने में जुटे है। जिन ग्राम पंचायतों में पद सामान्य वर्ग के लिए आया है, वहां पहले से तैयारी कर रहे दावेदारों में सक्रियता बढ़ेगी। वहीं महिला और आरक्षित वर्ग की पंचायतों में संबंधित वर्ग के संभावित प्रत्याशी भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटेंगे। आरक्षण प्रक्रिया के बाद अब पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकों और आपसी विचार-विमर्श का दौर शुरू होने की संभावना है। कई गांवों में पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदारों को आरक्षण बदलने से अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा। वहीं नए आरक्षण के अनुरूप नए चेहरे भी चुनावी मैदान में सामने आ सकते हैं। डीग पंचायत समिति में 46 ग्राम पंचायतों में सरपंचों का तय आरक्षण