प्रदेश के शहरों में सार्वजनिक सुविधाओं और विकास कामों के लिए जमीन अधिग्रहण करने पर अब नकद मुआवजे की जगह डवलपमेंट राइट्स देने का प्रावधान किया जाएगा। इन डवलपमेंट राइट्स को बिल्डर या प्राइवेट व्यक्ति को बेचा जा सकेगा। शहरों में सड़क, पार्क और दूसरी सुविधाओं के लिए जमीन अधिग्रहण करने पर प्रभावित व्यक्तियों को बाजार दर पर नकद मुआवजा देने की जगह ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) का सर्टिफिकेट देने का प्राववधान होगा। सरकार ने इसके लिए नई टीडीआर पॉलिसी का मसौदा तैयार किया है। नई पॉलिसी के अनुसार- शहरों में सड़क और दूसरे विकास कामों के लिए जितनी जमीन ली जाएगी, उसके बदले दोगुना क्षेत्रफल तक अतिरिक्त निर्माण का अधिकार मिलेगा। इस पॉलिसी के प्रावधानों पर जनता से राय मांगी गई है। जनता की राय के बाद इस पॉलिसी को अंतिम रूप देकर जारी किया जाएगा। नई टीडीआर पॉलिसी लागू होने के बाद विकास कामों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन अधिग्रहण में यह फार्मूला काम लिया जाएगा। जयपुर में परकोटे, चारदीवारी क्षेत्र में टीडीआर का इस्तेमाल करके अतिरिक्त निर्माण नहीं कर सकेंगे। हेरिटेज इमारतों और प्रतिबंधित भवन वाले क्षेत्र में भी इसके इस्तेमाल पर रोक रहेगी। जिसकी जितनी जमीन का अधिग्रहण होगा, उसके बदले डेढ़ से दोगुना विकास अधिकार ( टीडीआर) मिलेगा नई पॉलिसी में शहरों में सड़कों के लिए जमीन अधिग्रहण करने पर प्रभावित जमीन मालिक को जमीन के क्षेत्रफल का दोगुना ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट देने का प्रस्ताव है। पार्क, खेल मैदान और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन देने पर जमीन के क्षेत्रफल का डेढ़ गुना तक विकास अधिकार मिलेंगे। सड़क के लिए जमीन लेने पर जमीन के क्षेत्रफल का दोगुना तक का टीडीआर सर्टिफिकेट मिलेगा, इसे खुद काम लेने के अलावा दूसरे को बेचकर पैसा कमाया जा सकेगा। सर्टिफिकेट दूसरे को बेचने पर खरीदने वाले को अधिकार मिल जाएंगे शहरों में सड़क और दूसरे विकास कामों के लिए जितनी जमीन ली जाएगी, उसके बदले दोगुना क्षेत्रफल तक अतिरिक्त निर्माण का अधिकार मिलेगा। अगर किसी ने 1000 वर्गमीटर जमीन दी है तो उसे 2000 वर्गमीटर में निर्माण करने का अधिकार मिलेगा। सरकार को जमीन देकर टीडीआर सर्टिफिकेट लेने वाला व्यक्ति खुद यह निर्माण कर सकेगा। इस सर्टिफिकेट को किसी बिल्डर,डवलपर या दूसरे व्यक्ति को बेच भी सकेगा। इससे खरीदने वाले को अतिरिक्त निर्माण का अधिकार ​मिल जाएगा, यही ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) है। टीडीआर का इस्तेमाल कर जमीन अधिग्रहण करने पर कई शर्तें प्रदेश में अभी 2012 की टीडीआर पॉलिसी लागू,रिजल्ट नहीं मिले प्रदेश में अभी 2012 की टीडीआर पॉलिसी लागू है लेकिन इसके कई प्रावधान ऐसे हैं,जिसकी वजह से सरकार जमीन अधिग्रहण में इसका उपयोग नहीं कर सकी। अब पुराने प्रावधानों को बदलकर नई पॉलिसी लाई जा रही है। यूडीएच ने आधिकारिक बयान में कहा है कि पुरानी टीडीआर पॉलिसी कारगर साबित नहीं हुई। टीडीआर प्रमाण-पत्रों के सीमित उपयोग की वजह से इसके रिजल्ट नहीं आए।