डीग कोतवाली पुलिस ने अपने विशेष अभियान 'ऑपरेशन शिकंजा 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने विभिन्न मामलों में फरार चल रहे चार स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। यह अभियान फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पहली गिरफ्तारी बुधवार को रामवीर सिंह के नेतृत्व में हुई। पुलिस टीम ने गंभीर सड़क दुर्घटना के एक मामले में पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी विजय सिंह पुत्र हरचंदी, निवासी पैगांव, थाना शेरगढ़, जिला मथुरा को पकड़ा। आरोपी के खिलाफ न्यायालय जेएम डीग में कोर्ट केस नंबर 1290/14 और एफआईआर नंबर 17/10 के तहत धारा 279, 337, 304ए आईपीसी में मामला दर्ज था। दूसरी कार्रवाई गुरुवार को उप निरीक्षक मंगतूराम के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने चोरी के मामले में फरार दिनेश पुत्र भगवान सिंह, निवासी पान्हौरी, थाना सदर डीग को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ कोर्ट केस नंबर 223/16 और एफआईआर नंबर 128/16 में धारा 457, 380 आईपीसी के तहत मामला दर्ज था। तीसरी कार्रवाई में राजवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अज्जू उर्फ अजरूद्दीन पुत्र गुज्जी, निवासी रुंध खोह, थाना खोह को गिरफ्तार किया। अज्जू के खिलाफ चोरी के मामले में कोर्ट केस नंबर 436/16 और एफआईआर नंबर 430/16 के तहत धारा 379 आईपीसी में मामला दर्ज था। चौथी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल रामवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार हारून पुत्र रहमान उर्फ इसराइल, निवासी उदाका, थाना कामां को दबोचा। हारून के खिलाफ कोर्ट केस नंबर 28/05 और एफआईआर नंबर 630/02 में धारा 332, 353, 307 आईपीसी तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज था। अभियान रहेगा जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन शिकंजा 2.0’ के तहत फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करना है। 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत 34 मामले दर्ज, 4.80 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा डीग पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 103 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान के दौरान कुल 34 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस कैलाश चंद्र बिश्नोई और डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के निर्देशन में की गई। एनसीआरपी पोर्टल पर इन साइबर ठगों के खिलाफ लगभग 4.80 करोड़ रुपये (4,80,53,917 रुपए) की कुल 156 शिकायतें दर्ज थीं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वे लोग भी शामिल हैं जो साइबर ठगों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस ने साइबर ठगों के पास से 108 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 158 सिमकार्ड, 20 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक और 9 चेकबुक जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, एक थार गाड़ी और 2,32,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। अभियान के दौरान, आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर सिम कार्ड जारी करने और उन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराने वाले दो पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) सिम विक्रेता एजेंटों के खिलाफ भी दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इस अभियान के तहत कुल 1074 सिमकार्ड और 1056 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले ने चेतावनी दी कि यदि अपराधी अपराध करना बंद नहीं करते हैं, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और सलाखों के पीछे डाला जाएगा।