अलवर में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के बाद आरटीओ और कंपनी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डीग जिले के नगर निवासी अंशुल पिछले दो महीने से कंपनी और परिवहन विभाग के चक्कर काट रहे हैं। अंशुल ने बताया कि उन्होंने अलवर के 200 फीट रोड स्थित नमन होटल के पास ओला शोरूम से 3 मई को 1 लाख 16 हजार 646 रुपए में ऑन-रोड कीमत पर इलेक्ट्रिक स्कूटी बुक कराई थी। उसी दिन कंपनी ने बिल, वीआईएन (VIN) और इंश्योरेंस भी जारी कर दिया तथा 15 दिन में डिलीवरी देने का भरोसा दिया। तय समय पर स्कूटी नहीं मिलने पर उन्होंने कई बार शोरूम और कंपनी से संपर्क किया। बाद में कंपनी ने वाहन पंजीकरण के लिए आरटीओ की जानकारी मांगी। अंशुल ने डीग आरटीओ का नाम बताया, जिसके बाद कंपनी ने पोर्टल पर डीग आरटीओ का चयन कर दिया। लेकिन वहां वाहन पंजीकरण की सुविधा शुरू ही नहीं हुई थी, इसलिए रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं हो सका। आरोप है कि पोर्टल पर डीग आरटीओ का विकल्प मौजूद होने के बावजूद सेवा चालू नहीं थी और बाद में आवेदन भी रद्द नहीं हो पाया। अंशुल का कहना है कि जब कंपनी स्कूटी नहीं दे पा रही थी तो उसे उनका पैसा वापस कर देना चाहिए था। उन्होंने कंपनी को 47 ई-मेल भेजे, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सरकारी शिकायत पोर्टल पर कंप्लेन दर्ज कराई। शिकायत के बाद शनिवार को अलवर आरटीओ के निरीक्षक लक्ष्मीनारायण सैनी ओला शोरूम पहुंचे और प्रबंधक को नोटिस देकर उपभोक्ता का पैसा लौटाने के निर्देश दिए। कंपनी ने 9 जुलाई तक राशि रिफंड करने का आश्वासन दिया है। अंशुल ने यह भी आरोप लगाया कि पेमेंट अलवर में करने के बावजूद उन्हें जयपुर के नाम से बिल जारी किया गया। उनका कहना है कि यदि डीग में वाहन पंजीकरण की सुविधा शुरू नहीं हुई थी तो पोर्टल पर उसका विकल्प नहीं होना चाहिए था, जिससे अन्य उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।