डीग के जल महलों में स्थित दक्षिणमुखी हनुमान जी की लगभग 400 साल पुरानी प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। हकीक रत्न से निर्मित यह प्रतिमा अपने अनोखे शिल्प और जीवंतता के कारण विशेष मानी जाती है। मंगलवार और शनिवार को इसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। इस प्रतिमा की सबसे बड़ी खासियत इसकी जीवंतता है। हनुमान जी के शरीर की नसें इतनी स्पष्ट दिखाई देती हैं, मानो उनमें रक्त प्रवाहित हो रहा हो। इसी कारण श्रद्धालु इसे साक्षात बजरंगबली का स्वरूप मानते हैं। प्रतिमा में हनुमान जी अपने कंधों पर भगवान राम और लक्ष्मण को लिए हुए हैं। मान्यता है कि इस एक प्रतिमा में राम, लक्ष्मण, भरत, पाताल भैरवी और हनुमान जी के दर्शन होते हैं, जो इसे विश्व में अद्वितीय बनाते हैं। मंदिर के महंत ओमप्रकाश शर्मा के अनुसार, इस प्रतिमा का निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह ने करवाया था और इसे डीग शहर के जल महलों में स्थापित किया गया था।