जयपुर में त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता की एक हवेली में कथित खजाना मिलने के मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। अब हवेली को तोड़ने वाले मजदूर का दावा है कि खजाना मिला था। ये बात उसने हवेली के मालिक को भी बताई थी। ठेकेदार ने मजदूर को सोने-चांदी के 150 सिक्के देने का वादा किया था, लेकिन वह मुकर गया। तब मजदूर ने पूरी पोल खोल दी, जिसके बाद हवेली मालिक ने माणक चौक थाने में ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। हवेली जर्जर होने और नगर निगम का नोटिस मिलने के बाद मालिक राहुल सेठी और उनके भाइयों ने निजी कंपनी डिवाइन-फर्स्ट से डिस्मेंटल का एग्रीमेंट किया था। तुड़ाई का काम जनवरी 2026 में शुरू हुआ था। दावा है कि हवेली के मालिकों (राहुल सेठी और उनके भाई) को खजाना होने का पहले से पता था। इसलिए हवेली तोड़ने से पहले ही मेटल (गोल्ड) डिटेक्टर मशीन को मंगवा लिया था, ताकि सोने-चांदी और अन्य धातुओं का पता चल सके। सूत्रों के अनुसार, हवेली तोड़ने वाली कंपनी और सेठी भाइयों के बीच खजाने के बंटवारे को लेकर भी एग्रीमेंट हुआ था। इस एग्रीमेंट के अनुसार खजाने का 67 प्रतिशत सेठी भाइयों और 33 प्रतिशत कंपनी को दिया जाएगा। खजाने में हिस्सा नहीं मिलने पर मजदूर ने खोली पोल हवेली के मालिक राहुल सेठी ने ठेकेदार के खिलाफ माणक चौक थाने में 15 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। FIR के अनुसार- काम शुरू होने से पहले ठेकेदार और मजदूरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि यदि दीवार, नींव या मलबे से कोई भी कीमती वस्तु मिले तो उसे तुरंत परिवार को सौंपा जाए। कई महीनों बाद एक मजदूर मेरे पास आया और खजाना मिलने की बात कही। मजदूर का कहना था कि चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्के और चांदी के पुराने सिक्के मिलने पर ठेकेदार ने उसे सोने-चांदी के 150 सिक्के देने का वादा किया था, जिससे वह मुकर गया। ठेकेदार ने मजदूर को कहा था कि खजाने का मालिक को पता चल गया है, ऐसे में उन्हें देना होगा। सेठी ने बताया कि इसकी पुष्टि करने मजदूर मेरे पास आया और पूरी घटना के बारे में पता चला। ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज राहुल सेठी ने FIR में ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू निवासी मंडी खटीकान, मालियों का मोहल्ला और उसके सहयोगी अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा पर आरोप लगाया गया है। आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर हवेली से मिली कीमती संपत्ति मालिकों को बताए बिना आपस में बांट ली और खुर्द-बुर्द कर दी। दावा है कि करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार चांदी के पुराने सिक्के मिले थे। विद्याधर के रास्ता का ऐतिहासिक महत्व जिस इलाके में कथित खजाना मिलने का दावा किया गया है, उसका अपना ऐतिहासिक महत्व भी है। जयपुर शहर के वास्तुकार पंडित विद्याधर शास्त्री के नाम पर इस मार्ग का नाम विद्याधर का रास्ता रखा गया था। यह क्षेत्र जयपुर के सबसे पुराने इलाकों में गिना जाता है। यहां कई ऐतिहासिक हवेलियां आज भी मौजूद हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सेठी परिवार भी इस क्षेत्र के पुराने और समृद्ध परिवारों में शामिल रहा है। … ये खबर भी पढ़िए- 1. जमीन खुदाई में मिला खजाना किसका, मालिक या सरकार का?:जयपुर में घर में मिले सोने से भरे 15 कलश; 8 सवालों से समझें नियम जयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा किया गया। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने खजाने को आपस में बांट लिया। (पढ़िए पूरी खबर) 2. खजाना-मिलने का दावा करने वाले के दादा बड़े व्यापारी थे:मुंबई में 'जीडी मावा वाला एंड कंपनी' चलाते थे, पोते की रिपोर्ट पर पुलिस करेगी सोने-चांदी की जांच जयपुर में त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके की एक पुश्तैनी हवेली में करोड़ों का खजाना मिलने का दावा किया गया। (पढ़िए पूरी खबर) 3. जयपुर-हवेली की नींव से निकले सोने से भरे 15 कलश:45 किलो चांदी की सिल्लियां, 10 हजार सिक्के भी; मालिक का दावा- मजदूरों ने आपस में बांटे जयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा है। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। (पढ़िए पूरी खबर)