डीग शहर कोतवाली परिसर में सामुदायिक संपर्क समूह (सीएलजी) की बैठक आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में महिला सखियों और आम महिलाओं ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा, अधिकारों तथा महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनों के प्रति जागरूक करना था। बैठक को संबोधित करते हुए सीओ सीताराम बैरवा, शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हीरालाल मीणा और उप निरीक्षक मंगतूराम ने महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिला हेल्प डेस्क, महिला हेल्पलाइन 1090 तथा आपातकालीन नंबर 100 और 112 के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों ने महिलाओं से छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न या अन्य अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस दौरान महिला सखियों को महिला सुरक्षा व्यवस्था, कानूनी अधिकारों और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में भी जागरूक किया गया। महिलाओं और छोटी बच्चियों को गुड टच एवं बैड टच की जानकारी सरल भाषा में दी गई। अधिकारियों ने जोर दिया कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान कराना आवश्यक है, ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को दे सकें। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या छेड़छाड़ की घटना की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला एवं बालिका सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।