बारिश का सभी को इंतजार है। खासकर पौधारोपण अभियान को। क्योंकि जून महीने के मध्य से ही पौधारोपण प्रारंभ होता रहा है, लेकिन इस साल मानसून की देरी के कारण पौधों का उठाव ना के बराबर है।वन विभाग की शहरी नर्सरियों से जून में करीब 12 हजार पौधों का ही उठाव हुआ है, जबकि पिछले साल 1.26 लाख पौधे जा चुके थे। वन विभाग ने परंपरा अनुसार 5 जून से पौधों का वितरण प्रारंभ कर दिया है, लेकिन प्री-मानसून के कमजोर रहने और तापमान अधिक होने के कारण पौधों के झुलसने का डर है। क्योंकि इस साल प्री-मानसून भी कमजोर रहा है। इस साल जून में 103.6 एमएम बरसात हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 146.4 एमएम कम है। इस कारण तापमान भी अधिक है। इस साल जून में औसत तापमान 40.4 डिग्री रहा है, जो कि पिछले पांच साल से सबसे अधिक है। वन विभाग की केंद्रीय नर्सरी की रेंजर प्रथम प्रतिभा ने बताया कि इस साल के सीजन में उम्मीद से काफी कम पौधों का वितरण हुआ है। बारिश की कमी और तापमान की अधिकता एक बड़ा कारण है। इस साल केंद्रीय नर्सरी ने 3.35 लाख, कंपनी बाग ने 80 हजार तथा भूतनाथ नर्सरी में एक लाख पौधे तैयार हुए हैं। जबकि पिछले साल 6.25 लाख पौधे रोपे गए थे। सत्र 2026-27 के लिए 7 लाख पौधों का लक्ष्य आया है। विभाग का अनुमान है कि जुलाई माह की शुरुआत में इस कार्य में तेजी आ सकती है। आमजन को पौधे 6 से 15 रुपए में... वन विभाग की नर्सरियों से आमजन भी पौधे खरीद सकता है। फॉरेस्टर रोहिताश ने बताया कि नर्सरियों में एक से पांच फीट तक के पौधे तैयार हैं, जिनकी हाइट के अनुसार 6 से 15 रुपए कीमत है। नर्सरियों में सेमल, पारस पीपल, करंज, पापड़ी, पाखर, खजूर, गुलमोहर, नींबू, करौंदा, सीताफल, अशोक, बेहड़ा, सहजन, शहतूत, चंपा, कचनार, अमलतास, अर्जुन सहित कई पौधे तैयार किए गए हैं। आगे क्या... टर्फ बनी, किंतु अभी अगले सप्ताह तक बारिश की संभावना... भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून टर्फ बन चुकी है, लेकिन फिलहाल यह हिमालय की तलहटी के करीब है। यह टर्फ धीरे-धीरे दक्षिण की ओर अपनी सामान्य स्थिति में पहुंचेगी।