झुंझुनूं के बग्गड़ इलाके में जमीन बचाने के लिए बाईपास का अलाइनमेंट बदलवाने के लिए 33 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने दलाल याकूब अली और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राकेश कुमार को शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि 10 दिन पहले पीड़ित ने शिकायत दी थी कि बग्गड़ (झुंझुनूं) में बाईपास निकल रही है। इसमें उसकी जमीन आ रही है। ऐसे में सड़क का अलाइनमेंट बदलवाने के लिए झुंझुनूं के किठाना निवासी दलाल याकूब अली और एक्सईएन राकेश कुमार ने 75 लाख रुपए मांग मांगे थे। सत्यापन के दौरान पीड़ित ने राशि कम करने की गुजारिश की तो सौदा 50 लाख रुपए में तय हो गया। शुक्रवार रात को याकूब ने पैसे लेकर पीड़ित को चौमूं पुलिया के पास सीकर रोड पर बुलाया था। उसने जैसे ही रिश्वत के 33 लाख रुपए ​लिए एसीबी के एडिशनल एसपी संदीप सारस्वत की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से पैसे बरामद किए गए हैं। एसीबी के सामने दलाल ने पैसे मिलने की जानकारी दी, दूसरी टीम ने एक्सईएन को चिड़ावा में पकड़ लिया इसके बाद एडि. एसपी संदीप सारस्वत के सामने ही याकूब ने एक्सईएन राकेश को कॉल कर पैसे मिलने की जानकारी दी। इस पर एसीबी की दूसरी टीम ने चिड़ावा से उसे भी पकड़ लिया। याकूब वैशाली नगर में ‘झुंझुनूं इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से कंपनी चलाता है। यह कंपनी सरकार की ओर से नोटिफाइड है। बग्गड़ में स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए बनाई जा रही बाइपास का सड़क अलाइनमेंट का काम भी इसके पास ही था। ऐसे में याकूब ही री-अलाइनमेंट के नाम पर अधिकारियों की दलाली कर रहा था। एसीबी एक्सईएन और दलाल के मोबाइल की जांच करा रही है। उच्च अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू एसीबी जांच कर रही है कि 33 लाख रुपए की रिश्वत कहां-कहां बंटने वाली थी। इसके संबंध में अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।