भास्कर न्यूज़ | पाली परित्यक्ता या अलग रह रही महिलाओं को स्व-घोषणा के आधार पर पति की आय शामिल करने से छूट की मांग की गई है। तहसीलदार या एसडीएम स्तर पर सत्यापन से महिला की वास्तविक आर्थिक स्थिति मान्य करने और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई। पूर्व पार्षद किशोर सोमनानी ने बताया कि कई महिलाएं पति से अलग रह रही होती हैं और उनके पास तलाक का आदेश नहीं होता। ऐसे मामलों में पति की आय का प्रमाण जुटाना संभव नहीं रहता। पात्र होने के बावजूद ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र लंबित या निरस्त हो जाता है।