जसरापुर क्षेत्र के ढाणी बाढान गांव स्थित श्री जमवाय माता केशव गोशाला में आयोजित गौ माता कथा के दूसरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा। श्री जमवाय माता केशव गोशाला समिति, ढाणी बाढान द्वारा आयोजित इस कथा में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मलाभ लेने पहुंचे। कथा के दूसरे दिन नर्मदा मैया की कृपापात्री साध्वी अखिलेश्वरी दीदी मां ने गोमाता की महिमा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में गोमाता को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। गाय को 'माता' का दर्जा इसलिए दिया गया है क्योंकि वह मनुष्य को पोषण, सेवा और जीवन के अनेक उपयोगी संसाधन प्रदान करती है। साध्वी दीदी मां ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि गाय को देवी समान माना गया है और कामधेनु को सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाली दिव्य गाय बताया गया है। मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गाय की सेवा और पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गोमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं। उनकी सेवा, संरक्षण और सम्मान करना भारतीय परंपरा और धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साध्वी अखिलेश्वरी दीदी मां ने भामाशाहों से गोसेवा के लिए आगे आने और बढ़-चढ़कर दान देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि गोसेवा के साथ-साथ माता-पिता की सेवा भी मनुष्य का सर्वोच्च धर्म है। इस मौके पर समिति अध्यक्ष सूबेदार श्रीराम सिंह, सचिव शिवराज सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, रिपुदमन सिंह, गोविंद सिंह, लक्ष्मण सिंह, कैप्टन महेन्द्र सिंह, सूबेदार शंकर सिंह, महीपत सिंह, संजय पंडित, सूबेदार रामपाल, सूबेदार महीपत सिंह, इंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, बगड़ावत सिंह, गजराज सिंह, राजेन्द्र सिंह, महेशदान सिंह, रघुवीर सिंह, महेन्द्र सिंह, धर्म सिंह सहित अनेक ग्रामीण और महिलाएं जैसे दातार कंवर, मीना कंवर, रीना कंवर, शायर कंवर, अमरी देवी, प्रेम कंवर, विधा देवी, भतरी देवी, किरण देवी, संतरा देवी, राजकंवर, सुमन कंवर, कोशम कंवर, राधिका दरया कंवर उपस्थित रहे।