धौलपुर के चित्रकूट धाम स्थित कैंथरी के शांतिधाम आश्रम, जानकी कुंड में शुक्रवार को वार्षिक प्रतिष्ठा उत्सव और महंताई संस्कार समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। संत स्वामी शांति दास महाराज के सानिध्य में उनके शिष्य माधव दास का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत महंताई संस्कार कराया गया। दिगंबर अखाड़े द्वारा उन्हें महंत की उपाधि प्रदान की गई। समारोह में सातों अखाड़ों के निशान, संत-महंतों की उपस्थिति और भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। सुबह 9 बजे शुरू हुआ समारोह आयोजन की शुरुआत शुक्रवार सुबह 9 बजे संत-महंतों की उपस्थिति और सातों अखाड़ों के पवित्र निशानों के साथ हुई। आश्रम परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक आस्था और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुआ महंताई संस्कार संत स्वामी शांति दास महाराज के सानिध्य में शिष्य माधव दास का महंताई संस्कार विधिवत संपन्न कराया गया। दिगंबर अखाड़े के संतों ने उन्हें महंत की उपाधि देकर आश्रम की नई जिम्मेदारी सौंपी। भंडारे में संतों और श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी सुबह 11 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। भंडारे की तैयारियों के लिए सैंपऊ से आई हलवाइयों की टीम पिछले दो दिनों से पकवान और प्रसादी बनाने में जुटी हुई थी। नई कुटी में संतों का हुआ सम्मान महंताई संस्कार के अवसर पर संत माधव दास द्वारा निर्मित नई कुटी में पधारे संतों का दक्षिणा और वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया। हाथी-घोड़े और बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा समारोह के दौरान हाथी-घोड़े, बैंड-बाजों और अखाड़ों के निशानों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बना दिया और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह स्वागत किया। कई शहरों से पहुंचे श्रद्धालु इस अवसर पर काका गुरु रामकिशोर दास, सत्यदेव दास महाराज, राजेश भारद्वाज (आगरा), सरपंच राधेश्याम सिकरवार, पंचायत समिति सदस्य दिनेश परमार, जितेंद्र परमार, रामप्रकाश शर्मा (नोएडा) सहित धौलपुर, ग्वालियर, आगरा, दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालु एवं शिष्यगण मौजूद रहे।