धौलपुर के दिहौली थाना क्षेत्र के जारह गांव में साल 2017 में हुए गिरन सिंह ठाकुर हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना 21 जून 2017 को हुई थी। उस दिन गिरन सिंह के घर पर सत्यनारायण भगवान की कथा चल रही थी। इसी दौरान मृतक के भाई के बेटों ने घर पर हमला कर दिया और धारदार हथियारों से गिरन सिंह की हत्या कर दी। हत्या का कारण जमीन विवाद बताया गया है। बड़े भाई हिम्मत सिंह ने अपनी जमीन गिरन सिंह के नाम कर दी थी, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों में रंजिश चल रही थी। हिम्मत सिंह की कोई संतान नहीं थी। मृतक के पुत्र शंकर सिंह ने दिहौली थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कुल आठ आरोपियों को दोषी पाया था। हालांकि, एक अभियुक्त सुरेंद्र सिंह की पहले ही जेल में मृत्यु हो चुकी है। जिला सेशन एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मांगो ने शेष सात अभियुक्तों – रणवीर, रविंद्र सिंह, चौब सिंह, धर्मेंद्र, कल्ला, यशपाल और राजवीर – को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक भगवान सिंह नारोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।