जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने बुधवार को धौलपुर जिला कारागृह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 19 जून 2026 के बाद किसी भी बंदी की जाति रजिस्टर में दर्ज नहीं मिलने की स्थिति देखी गई। बोर्ड ने बंदियों से जेल में भोजन, रहने की व्यवस्था, सफाई और जाति के आधार पर किसी तरह के भेदभाव को लेकर जानकारी ली। बंदियों ने भेदभाव से इनकार करते हुए सभी के साथ समान व्यवहार किए जाने की बात कही। इसी दिन 60 दिवसीय मेगा अभियान के तहत ग्राम गडरपुरा में ग्रामीणों को कानूनी योजनाओं और मुफ्त विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई। जेल रजिस्टर और बंदियों की व्यवस्थाएं जांचीं बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने कारागृह में बंदियों के रजिस्टरों की जांच की। इसमें 19 जून 2026 के बाद किसी भी बंदी की जाति दर्ज नहीं मिली। इसके बाद बंदियों से भोजन की गुणवत्ता, रहने की व्यवस्था, खाना बनाने की प्रक्रिया, शौचालय और स्नानघर की सफाई तथा जेल में जाति के आधार पर किसी तरह के भेदभाव के बारे में पूछा गया। बंदियों ने कहा- सभी के साथ समान व्यवहार बंदियों ने बोर्ड को बताया कि जेल में जातिगत आधार पर उनके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता और सभी के साथ समान व्यवहार होता है। बैरकों, शौचालयों और स्नानघरों की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया गया। बंदियों ने बताया कि अलग-अलग जातियों के बंदी बारी-बारी से सफाई करते हैं और किसी विशेष जाति के बंदियों को सफाई के लिए निर्धारित नहीं किया गया है। रसोई में भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता जांची निरीक्षण के दौरान जेल की रसोई का भी जायजा लिया गया। बोर्ड ने वहां तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच की। सचिव रेखा यादव ने जेल प्रशासन को बंदियों के साथ समान व्यवहार बनाए रखने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीमार बंदियों की समस्याएं सुनीं, इलाज के निर्देश निरीक्षण के दौरान बंदियों की समस्याएं भी सुनी गईं। बीमार बंदियों के इलाज को लेकर डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए गए। वहीं, निजी वकील करने में असमर्थ बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और एलएडीसी के माध्यम से मुफ्त वकील और कानूनी सहायता उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। गडरपुरा में ग्रामीणों को कानूनी योजनाओं की जानकारी 60 दिवसीय मेगा अभियान के तहत सचिव रेखा यादव ने ग्राम गडरपुरा, ग्राम पंचायत सनौरा, तहसील बाड़ी में ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और नालसा की विभिन्न योजनाओं तथा मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ नागरिकों से बाल विवाह तक कानूनी प्रावधान बताए जागरूकता कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों, एसिड अटैक पीड़ितों, मानसिक एवं बौद्धिक रूप से कमजोर व्यक्तियों, अनुसूचित जाति-जनजाति, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों और बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। ये अधिकारी रहे मौजूद इस दौरान सीएमएचओ धर्मसिंह मीणा, जिला साक्षरता अधिकारी वीरी सिंह, सहायक अभियंता पवन कुमार, समाज कल्याण अधिकारी असफाक खान, जिला रोजगार अधिकारी संजू, चीफ एलएडीसी अमित कमठान, अधिवक्ता आराधना शर्मा व दीपक सिकरवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जेल अधीक्षक सुमन मीणा सहित कारागृह स्टाफ और बंदीजन भी मौजूद रहे।