धौलपुर में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को धारा 138 एनआई एक्ट (चेक अनादरण) मामलों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत में राजीनामे के आधार पर कुल 33 मामलों का निस्तारण किया गया और 60 लाख 52 हजार 589 रुपए के अवॉर्ड पारित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा यादव ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित और प्री-लिटिगेशन स्तर के चेक अनादरण मामलों को आपसी सहमति से निपटाया गया। इसके लिए जिलेभर में कुल 7 बेंचों का गठन किया गया था। इनमें धौलपुर मुख्यालय पर दो बेंचें थीं, जबकि बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा, सैंपऊ और राजाखेड़ा में एक-एक बेंच स्थापित की गई थी। विशेष लोक अदालत के लिए जिलेभर से कुल 1314 प्रकरण चिन्हित किए गए थे। इनमें से 33 मामलों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 60 लाख 52 हजार 589 रुपए के अवॉर्ड पारित हुए। मुख्यालय धौलपुर में 848 चिन्हित मामलों में से 15 का निस्तारण कर 42.91 लाख रुपए के अवॉर्ड पारित किए गए। बाड़ी में 214 में से 7 मामलों में 4.24 लाख रुपए, सरमथुरा में 27 में से 2 मामलों में 74,024 रुपए, सैंपऊ में 40 में से 6 मामलों में 7.90 लाख रुपए और राजाखेड़ा में 80 में से 3 मामलों में 4.71 लाख रुपए के अवॉर्ड पारित हुए। हालांकि, बसेड़ी में चिन्हित 105 मामलों में से किसी भी प्रकरण का निस्तारण नहीं हो सका। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य चेक अनादरण से जुड़े मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित और प्रभावी निस्तारण करना है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का भार कम किया जा सके।