जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर के तत्वावधान में शनिवार को द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान राजीनामे के माध्यम से कुल 1690 लंबित और प्री-लिटीगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में 1.95 करोड़ रुपए से अधिक के अवॉर्ड पारित किए गए। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी न्यायिक अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव ने बताया कि जिले में मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए कुल 10 बैंचों का गठन किया गया था। इनमें धौलपुर, बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा, सैंपऊ और राजाखेड़ा न्यायालयों को शामिल किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिले में कुल 2333 लंबित मामलों को चिन्हित किया गया था। इनमें फौजदारी, एनआई एक्ट, एमएसीटी, ट्रैफिक चालान, राजस्व, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता और दीवानी प्रकरण जैसे विभिन्न प्रकार के मामले शामिल थे। लोक अदालत में कुल 1459 लंबित मामलों का समाधान किया गया। इन लंबित मामलों के निस्तारण के साथ ही 1 करोड़ 95 लाख 73 हजार 988 रुपए की राशि के अवॉर्ड पारित किए गए। इसके अतिरिक्त बैंक ऋण, टेलीफोन बिल और अन्य सिविल विवादों से संबंधित 231 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी सफलतापूर्वक समाधान कराया गया। लोक अदालत के दौरान एमएसीटी न्यायाधीश प्रीति नायक, डकैती प्रभावित क्षेत्र न्यायाधीश राकेश गोयल, एसीजेएम शैला फौजदार, नायब तहसीलदार प्रदीप सिंह और अभिभाषक संघ अध्यक्ष हरिओम शर्मा सहित कई न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।