धौलपुर पुलिस ने 12 करोड़ 69 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में 6 साल से फरार चल रहे इनामी आरोपी अमित गौतम को गुरुवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भरतपुर रेंज से 40 हजार और जयपुर पश्चिम पुलिस से 3 हजार रुपए का इनाम घोषित था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उसकी तलाश कर रहा था। पुलिस के अनुसार, अमित गौतम ने अपने साथी अरुण अग्रवाल के साथ मिलकर करीब 200 लोगों को निवेश के नाम पर झांसा दिया और करोड़ों रुपए ठगे। उसके खिलाफ धौलपुर, जयपुर और उदयपुर में लगभग 21 मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को बड़ा निवेशक बताकर लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देता था। वह विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफा भी देता था, जिससे वे और अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित होते थे। लग्जरी गाड़ियां, महंगी घड़ियां दिखाकर करता था ट्रेप अमित गौतम फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों से निवेश करवाता था। वह मुख्य रूप से अमीर और पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था। लग्जरी गाड़ियां, महंगी घड़ियां और मोबाइल फोन दिखाकर वह खुद को प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करता था और जरूरत पड़ने पर लोगों को बैंक से लोन तक दिलवाता था। डॉक्टरों को भी जाल में फंसाया आरोपी ने उदयपुर से एम.फार्मा की डिग्री हासिल की थी। वह अपने मेडिकल क्षेत्र के ज्ञान का उपयोग कर डॉक्टरों और अन्य पेशेवर लोगों को भी अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पर धोखाधड़ी के 21 केस दर्ज गिरफ्तार किए गए आरोपी अमित गौतम पर जयपुर के चित्रकूट थाना क्षेत्र में 15, मानसरोवर थाना क्षेत्र में एक, उदयपुर के भुपालपुरा थाना क्षेत्र में 2, धौलपुर के निहालगंज थाना क्षेत्र में दो और एक प्रवर्तन निदेशालय ईडी में मामला दर्ज हैं। साइबर सेल की छह महीने की मेहनत रंग लाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल की टीम ने जयपुर, उदयपुर और दिल्ली में लगातार इनपुट जुटाए। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम ने आरोपी को दिल्ली के लाजपत नगर इलाके से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में साइबर सेल की छह महीने की मेहनत रंग लाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है। साइबर टीम की रही विशेष भूमिका एसपी विकास सांगवान ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने में निहालगंज थाना प्रभारी अमित शर्मा के साथ सब इंस्पेक्टर हरिंद सिंह, साइबर सेल प्रभारी नरेंद्र सिंह की टीम की भूमिका रही हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी शातिर किस्म का था। जिसे पकड़वाने में कांस्टेबल हरविंद्र सिंह की विशेष भूमिका हैं।