धौलपुर पुलिस ने राजाखेड़ा कस्बे में 6 जुलाई को हुई फायरिंग की घटना का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 25-25 हजार रुपए के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष टीमों का गठन किया गया था। उनके निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा की निगरानी में राजाखेड़ा थाना पुलिस, डीएसटी, स्पेशल टीम और साइबर सेल ने संयुक्त अभियान चलाया। टीमों ने धौलपुर, आगरा और मुरैना सहित लगभग 100 संभावित ठिकानों पर दबिश दी और दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया। डीएसटी को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बसई घीयाराम से आगे अंधियारी के बीहड़ों में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर भागने लगे और बचने के प्रयास में करीब 15 से 20 फीट ऊंचे मिट्टी के टीले से नीचे कूद गए। इस दौरान उनके पैरों में गंभीर चोटें आईं। डीएसटी के कॉन्स्टेबल भागीरथ और देवेंद्र सिंह ने साहस दिखाते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। दोनों का जिला चिकित्सालय धौलपुर में पुलिस अभिरक्षा में उपचार चल रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अभिषेक पुत्र रामकुमार निवासी घड़ी जोनावद और सचिन पुत्र कमला निवासी मनसुखपुरा, जिला आगरा के रूप में हुई है। इन दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, एक अवैध .315 बोर का देसी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि 6 जुलाई को आरोपियों ने राजाखेड़ा में तीन अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, इस मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी लुक्का उर्फ मन्नू उर्फ प्रद्युम्न की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की लगातार दबिश जारी है।