धौलपुर में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस ने 'महिला सुरक्षा संकल्प अभियान' शुरू किया है। 1 से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस अभियान में पुलिस अधिकारी और महिला बीट अधिकारी घर-घर जाकर महिलाओं, बुजुर्ग महिलाओं और अकेले रहने वाले बुजुर्ग दम्पत्तियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी दे रहे हैं। वहीं, उन्हें महिला सुरक्षा कानून, हेल्पलाइन, साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा और आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया जा रहा है। घर-घर पहुंचकर बढ़ा रही भरोसा और सुरक्षा पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर जिलेभर में अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका पर्यवेक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, एडीएफ बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिकाऊ प्रकोष्ठ हवा सिंह कर रहे हैं। अभियान के दौरान महिलाओं की सुरक्षा संबंधी जरूरतों को समझने के साथ यह भरोसा भी दिलाया जा रहा है कि धौलपुर पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सहायता के लिए तत्पर है। महिलाओं और छात्राओं को दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारी अभियान के तहत महिला श्रमिकों, छात्राओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा कानूनों, सरकारी योजनाओं, आत्मरक्षा के उपायों, राजकॉप ऐप, गरिमा हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन हेल्पलाइन 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, किरायेदार सत्यापन, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर और महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की सेवाओं से भी उन्हें परिचित कराया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज और पंचायतों में भी जागरूकता कार्यक्रम महिला बीट अधिकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इनमें महिलाओं और किशोरियों को उनके कानूनी अधिकारों, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा की भावना और पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करना है। अपराध की सूचना तुरंत देने की अपील धौलपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध या महिलाओं के खिलाफ किसी भी अन्य अपराध की सूचना तुरंत संबंधित थाना, हेल्पलाइन 112, 1090 या 1930 पर दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।