डीडवाना के राजकीय बांगड़ कॉलेज में सोमवार को विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर नारेबाजी की और प्रिंसिपल मनीषा गोदारा का घेराव किया। उन्होंने अपनी सात सूत्री मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन लंबे समय से विद्यार्थियों की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। छात्रों ने बताया कि कॉलेज का लाइब्रेरी भवन जर्जर स्थिति में है। छत और दीवारों की खराब हालत के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने लाइब्रेरी की तत्काल मरम्मत और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई लाइब्रेरी के निर्माण की मांग की। छात्रों ने कॉलेज की भूमि अन्य सरकारी विभागों को आवंटित किए जाने का भी कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि कॉलेज के भविष्य के विस्तार और विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए परिसर की जमीन किसी अन्य विभाग को नहीं दी जानी चाहिए। इसके साथ ही, छात्रों ने लंबे समय से उपेक्षित पड़े एनसीसी ग्राउंड को खेल योग्य बनाने और वहां आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की। उन्होंने परिसर की अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया। एनएसयूआई महासचिव जितेंद्र चाहर ने इस दौरान कहा कि कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जर्जर लाइब्रेरी, एनसीसी ग्राउंड और जमीन आवंटन जैसे गंभीर मुद्दों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो सभी छात्र संगठन संयुक्त रूप से उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में एनएसयूआई उपाध्यक्ष प्रेम चोयल सहित विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।