जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीडवाना-कुचामन ने "ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे" अभियान के तहत जिले के विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता शिविर आयोजित किए। जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा प्राधिकरण अध्यक्ष नाहर सिंह मीणा की अध्यक्षता में हुए इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्रों को डिजिटल दुनिया से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेश कुमार गजरा, प्राधिकरण सचिव महाबीर सिंह चारण, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज जीनगर और सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज तिवारी ने अलग-अलग सत्रों में छात्रों को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के थीम सांग से हुई।अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट आज के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है,लेकिन यदि सावधानी न बरती जाए तो यह नुकसानदेहभी साबित हो सकता है। शिविर में छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे अपना ओटीपी, बैंक विवरण पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। उन्हें अज्ञात लिंक या संदिग्ध ई-मेल से दूर रहने और केवल विश्वसनीय एप्स का उपयोग करने के लिए भी कहा गया। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखने की अपील भी की गई। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से होने वाले मानसिक नुकसान के प्रति भी विद्यार्थियों को सचेत किया गया। उन्होंने जोर देकर कहाकि तकनीक का सही और जिम्मेदार उपयोग ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी है। साइबर सुरक्षा केवल एक तकनीकी विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इन शिविरों के माध्यम से सैकड़ों छात्र-छात्राओं को साइबर कानूनों और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर चीफ डिफेंस काउंसिल विकास ठोलिया, डिप्टी डिफेंस काउंसिल रोहिणी व हरफुल राव, सहायक डिफेंस काउंसिल आरती सिखवाल, फिरोज खान, विपुल कुमार, महेश्वर पुरोहित सहित अधिवक्ता सुनील शर्मा,अशोक भाकर, नसीब चोपदार, नागपाल सिंह और शौकत अली खान उपस्थित रहे।