डीडवाना जिले में प्रत्येक माह मनाए जाने वाले "साइबर जागरूकता दिवस" के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क करना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। एसपी ऋचा तोमर के निर्देशन में जिले के सभी थानों और साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने स्कूलों, पुस्तकालयों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव की विस्तृत जानकारी दी। साइबर हेल्प डेस्क की उपयोगिता गिनाई इस दौरान छात्रों, युवाओं, महिलाओं और आमजन को CEIR पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा साइबर हेल्प डेस्क की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया गया। सोशल मीडिया, सेमिनार और ग्राम स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। ये कार्यक्रम जिले के चितावा, परबतसर, कुचामन सिटी, नांवा और लाडनूं सहित कई क्षेत्रों में आयोजित हुए। पुलिसकर्मियों ने छात्र-छात्राओं और आमजन को साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। ऑनलाइन ठगी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह कार्यक्रमों में बाल यौन शोषण सामग्री, साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, डेटा ब्रीच, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, डीपफेक, टेलीग्राम स्कैम, फर्जी लोन ऐप और बैंक अकाउंट किराए पर लेने जैसे नए और बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, त्योहारों और विशेष अवसरों पर होने वाली ऑनलाइन ठगी के मामलों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने यह भी बताया कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल बैंक को सूचित कर कार्ड ब्लॉक कराएं और हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराध से संबंधित किसी भी सूचना को नजरअंदाज न करें और तुरंत हेल्पलाइन नंबर 8000372519 पर संपर्क करें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।